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Rampur Bushahar News: बिना तेल, लोक निर्माण विभाग की मशीनरी हो रही फेल

Tue, 02 Jul 2024 11:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 11:28 PM IST
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तीस लाख की बकाया राशि का नहीं हुआ भुगतान, बरसात का सीजन सिर पर, बिना राशि चुकाए पेट्रोल पंप संचालकाें ने डीजल देने से किया साफ इन्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। बरसात का सीजन सिर पर है और लोक निर्माण विभाग के लिए सड़कों को यातायात के लिए बहाल रखना चुनौतीपूर्ण होने वाला है, क्योंकि लोक निर्माण विभाग के रामपुर डिवीजन को मशीनरी चलाने के लिए तेल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बिना तेल विभाग की मशीनें कैसे चलेंगी और बरसात से निपटना कैसे संभव हो पाएगा। लोक निर्माण विभाग पर डीजल उपलब्ध कराने वाले पेट्रोल पंपों की लाखों रुपये की देनदारी हो गई है। बढ़ती देनदारी को देखते हुए पेट्रोल पंप ऑपरेटरों ने विभाग को तेल मुहैया करवाने से साफ मना कर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में विभाग के साथ-साथ हजारों ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। गौर हो कि बरसात से पहले ही लोक निर्माण विभाग की मशीनरियों ने बिना डीजल के हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जब आगामी समय में भारी बरसात होगी, तो विभाग के लिए सड़कों को बहाल करना मुश्किल हो जाएगा। बताते चलें कि बीते एक सप्ताह से रामपुर का लोक निर्माण विभाग डीजल की किल्लत से जूझ रहा है। विभाग की गाड़ियों और मशीनों में जितना तेल था, वो भी अब समाप्त हो रहा है। यदि आलम यूं ही रहा तो विभाग को दर्जनों सड़कें बहाल करना परेशानियों भरा होने वाला है। ऐसा पहली बार है कि जब रामपुर डिवीजन के पास बरसात के समय डीजल खरीद के लिए पैसे तक नहीं है। विभाग पर डीजल की करीब 30 लाख रुपये की देनदारी है। इस बार अधिक समय होने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों ने भी विभाग को डीजल देने से मना कर दिया है। गौर हो कि रामपुर डिवीजन के तहत चार सब डिवीजन रामपुर, सराहन, तकलेच और ननखड़ी आते हैं। उपमंडल में सौ से अधिक सड़कें हैं, जिन्हें बरसात में बहाल रखने में विभाग को खासी दिक्कतें होने वाली हैं। हालांकि, कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सड़क बहाली के लिए हर वक्त मशीनों की तैनाती करना जरूरी है, लेकिन बिना तेल विभाग कैसे अपनी मशीनों को दौड़ाएगा, यह चिंता का विषय है। कुल मिलाकर इससे हजारों लोगों की परेशानियां बढ़ना भी स्वभाविक है। बरसात में सेब सीजन भी चलता है। ऐसे में यदि कोई सड़क बाधित हो जाती है, तो बागवानों को अपनी फसल मंडी पहुंचाना चुनौतियों भरा हो जाएगा।

डीजल की करीब 30 लाख रुपये की राशि बकाया
विभाग की डीजल की करीब 30 लाख रुपये की राशि बकाया है। जैसे ही राशि आएगी, पेट्रोल पंप संचालकों को उसका भुगतान कर दिया जाएगा।
-रजनीश बहल, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
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