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Rampur Bushahar News: जन प्रतिनिधियों की रुचि न होने से लटकीं विकास योजनाएं
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रामपुर की देवठी पंचायत में ग्राम सभा का कोरम हुआ पूरा, विकास कार्यों पर हुई चर्चा। संवाद
विकास खंड की 37 में से 34 पंचायतों में कोरम नहीं हुआ पूरा
तीन पंचायतों में ही हुआ कोरम पूरा, लोगों की कम संख्या से विकास कार्यों पर नहीं बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/डंसा। जन प्रतिनिधियों की कम रुचि और ग्रामीणों की कम संख्या के कारण वीरवार को अधिकतर पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं सफल नहीं हो पाईं। विकास खंड रामपुर की तीन पंचायतों में ही कोरम पूरा हो पाया, जबकि शेष 37 पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण विकास कार्यों पर मुहर नहीं लग पाई। ऐसे में अब 15 दिन के भीतर इन पंचायतों में ग्राम सभाएं होंगी। ग्राम सभाओं का कोरम पूरा न होने के कारण 15वें वित्तायोग, जीपीडीपी, बीपीएल सूची, पेयजल योजनाओं के निर्माण और विकास कार्यों पर चर्चा नहीं हो पाई। रामपुर विकास खंड की अधिकांश पंचायतों में लोगों की उपस्थिति न के बराबर होने से ग्राम सभाएं स्थगित करनी पड़ीं। ग्राम सभाओं में लोगों की कम मौजूदगी के कारण कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा नहीं हो पाई और विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने पर भी चर्चा लटक गई। पंचायतीराज चुनावों के लिए दो महीने का समय शेष रह गया है। इस कारण अपेक्षा से कम जन प्रतिनिधि और ग्रामीण ग्राम सभाओं में पहुंचे। वर्तमान जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्ति की भी अंतिम ग्राम सभा थी, ऐसे में शेल्फ के कई काम अधर में लटक जाएंगे। वीरवार की ग्राम सभा में जिन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी। इनमें त्रैमासिक आय-व्यय के अनुमोदन पर चर्चा, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता पखवाड़े, पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों के अनुमोदन पर चर्चा की जानी थी। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के बारे में समीक्षा, वित्तीय वर्ष 2026-27 को ग्राम विकास योजना जीपीडीपी, परिवार खाता अलग करवाने और बीपीएल परिवार सूची की समीक्षा की जानी थी। वहीं, मनरेगा 2025-26 में भारी बरसात से क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त शेल्फ, पेयजल आपूर्ति के रख-रखाव के बारे में जल शक्ति विभाग को सूक्ष्म पेयजल योजनाओं की राशि हस्तांतरण बारे और योजनाओं को जीपीडीपी मंजूरी में शामिल करने के साथ पंचायतों को नशामुक्त करवाने पर विचार-विमर्श किया जाना शामिल था। विकास खंड की देवठी, कूट और जघोरी पंचायत में ही कोरम पूरा हो पाया, जबकि शेष सभी पंचायतों में लोगों की कम संख्या के कारण कोरम पूरा नहीं हो पाया। उधर, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी ने कहा कि विकास खंड की तीन पंचायतों में ही कोरम पूरा हुआ, जबकि शेष 34 पंचायतों में कोरम पूरा न होने से विकास कार्यों पर चर्चा नहीं हो पाई।
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तीन पंचायतों में ही हुआ कोरम पूरा, लोगों की कम संख्या से विकास कार्यों पर नहीं बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/डंसा। जन प्रतिनिधियों की कम रुचि और ग्रामीणों की कम संख्या के कारण वीरवार को अधिकतर पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं सफल नहीं हो पाईं। विकास खंड रामपुर की तीन पंचायतों में ही कोरम पूरा हो पाया, जबकि शेष 37 पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण विकास कार्यों पर मुहर नहीं लग पाई। ऐसे में अब 15 दिन के भीतर इन पंचायतों में ग्राम सभाएं होंगी। ग्राम सभाओं का कोरम पूरा न होने के कारण 15वें वित्तायोग, जीपीडीपी, बीपीएल सूची, पेयजल योजनाओं के निर्माण और विकास कार्यों पर चर्चा नहीं हो पाई। रामपुर विकास खंड की अधिकांश पंचायतों में लोगों की उपस्थिति न के बराबर होने से ग्राम सभाएं स्थगित करनी पड़ीं। ग्राम सभाओं में लोगों की कम मौजूदगी के कारण कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा नहीं हो पाई और विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने पर भी चर्चा लटक गई। पंचायतीराज चुनावों के लिए दो महीने का समय शेष रह गया है। इस कारण अपेक्षा से कम जन प्रतिनिधि और ग्रामीण ग्राम सभाओं में पहुंचे। वर्तमान जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्ति की भी अंतिम ग्राम सभा थी, ऐसे में शेल्फ के कई काम अधर में लटक जाएंगे। वीरवार की ग्राम सभा में जिन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी। इनमें त्रैमासिक आय-व्यय के अनुमोदन पर चर्चा, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता पखवाड़े, पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों के अनुमोदन पर चर्चा की जानी थी। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के बारे में समीक्षा, वित्तीय वर्ष 2026-27 को ग्राम विकास योजना जीपीडीपी, परिवार खाता अलग करवाने और बीपीएल परिवार सूची की समीक्षा की जानी थी। वहीं, मनरेगा 2025-26 में भारी बरसात से क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त शेल्फ, पेयजल आपूर्ति के रख-रखाव के बारे में जल शक्ति विभाग को सूक्ष्म पेयजल योजनाओं की राशि हस्तांतरण बारे और योजनाओं को जीपीडीपी मंजूरी में शामिल करने के साथ पंचायतों को नशामुक्त करवाने पर विचार-विमर्श किया जाना शामिल था। विकास खंड की देवठी, कूट और जघोरी पंचायत में ही कोरम पूरा हो पाया, जबकि शेष सभी पंचायतों में लोगों की कम संख्या के कारण कोरम पूरा नहीं हो पाया। उधर, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी ने कहा कि विकास खंड की तीन पंचायतों में ही कोरम पूरा हुआ, जबकि शेष 34 पंचायतों में कोरम पूरा न होने से विकास कार्यों पर चर्चा नहीं हो पाई।