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Rampur Bushahar News: लवी मेले में अश्व प्रदर्शनी का भव्य आयोजन 1 से 3 नवंबर तक
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देशभर से उत्कृष्ट नस्ल के अश्वों के साथ पहुंचेंगे अश्वपालक
घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता रहेंगी मुख्य आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से रामपुर में अश्व प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 1 से 3 नवंबर तक रामपुर के पाटबंगला मैदान में सजेगी। जिला प्रशासन और निदेशक पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अश्वपालकों के भाग लेने की उम्मीद है। अश्व प्रदर्शनी के माध्यम से उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ अश्वपालन की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय लवी मेला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, व्यापारिक गतिविधियों और पारंपरिक आयोजनों के लिए देशभर में पहचान रखता है। मेले के दौरान आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी भी इसका एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों से अश्वपालक अपने बेहतरीन नस्ल के अश्वों के साथ हिस्सा लेंगे। इससे न केवल अश्वपालकों को अपनी पशुधन संपदा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें अन्य अश्वपालकों के अनुभवों से सीखने और आपसी संवाद के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त करने का मौका भी मिलेगा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य अश्वपालकों को उत्तम नस्ल के घोड़ों के पालन-पोषण, उचित देखभाल, प्रजनन और आधुनिक प्रबंधन से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाना है। साथ ही पारंपरिक अश्व संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित करना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। अश्वपालकों को बेहतर प्रबंधन पद्धतियों के प्रति जागरूक करने से अश्वों के स्वास्थ्य, उनकी देखभाल और नस्ल सुधार के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के तहत 2 नवंबर को अश्वपालकों के लिए विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें अश्वपालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। यह संगोष्ठी अश्वपालकों के लिए उपयोगी जानकारी हासिल करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर बनेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 नवंबर को अश्व प्रदर्शनी में भाग लेने वाले अश्वों की प्रविष्टियों और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। 2 नवंबर को भी प्रविष्टियों एवं पंजीकरण का कार्य जारी रहेगा। इसी दिन अश्वपालकों के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी के अंतिम दिन यानी 3 नवंबर को विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट अश्वों का चयन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त घुड़सवारों के बीच गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता आयोजित होगी। घुड़दौड़ प्रतियोगिताएं भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी, जिनमें 400 मीटर और 800 मीटर की दौड़ शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से घुड़सवारों की कुशलता और अश्वों की क्षमता देखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के समापन पर चयनित उत्कृष्ट अश्वों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने सभी अश्वपालकों, घुड़सवारों तथा पशु प्रेमियों से प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। आयोजकों ने प्रतिभागियों से निर्धारित समय पर अपना पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है। तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी के जरिये उत्कृष्ट नस्ल के अश्वों को प्रोत्साहन देने, अश्वपालकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाने और लवी मेले की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता रहेंगी मुख्य आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से रामपुर में अश्व प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 1 से 3 नवंबर तक रामपुर के पाटबंगला मैदान में सजेगी। जिला प्रशासन और निदेशक पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अश्वपालकों के भाग लेने की उम्मीद है। अश्व प्रदर्शनी के माध्यम से उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ अश्वपालन की पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय लवी मेला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, व्यापारिक गतिविधियों और पारंपरिक आयोजनों के लिए देशभर में पहचान रखता है। मेले के दौरान आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी भी इसका एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों से अश्वपालक अपने बेहतरीन नस्ल के अश्वों के साथ हिस्सा लेंगे। इससे न केवल अश्वपालकों को अपनी पशुधन संपदा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें अन्य अश्वपालकों के अनुभवों से सीखने और आपसी संवाद के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त करने का मौका भी मिलेगा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य अश्वपालकों को उत्तम नस्ल के घोड़ों के पालन-पोषण, उचित देखभाल, प्रजनन और आधुनिक प्रबंधन से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाना है। साथ ही पारंपरिक अश्व संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित करना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। अश्वपालकों को बेहतर प्रबंधन पद्धतियों के प्रति जागरूक करने से अश्वों के स्वास्थ्य, उनकी देखभाल और नस्ल सुधार के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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कार्यक्रम के तहत 2 नवंबर को अश्वपालकों के लिए विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें अश्वपालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। यह संगोष्ठी अश्वपालकों के लिए उपयोगी जानकारी हासिल करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर बनेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 नवंबर को अश्व प्रदर्शनी में भाग लेने वाले अश्वों की प्रविष्टियों और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। 2 नवंबर को भी प्रविष्टियों एवं पंजीकरण का कार्य जारी रहेगा। इसी दिन अश्वपालकों के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी के अंतिम दिन यानी 3 नवंबर को विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट अश्वों का चयन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त घुड़सवारों के बीच गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता आयोजित होगी। घुड़दौड़ प्रतियोगिताएं भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी, जिनमें 400 मीटर और 800 मीटर की दौड़ शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से घुड़सवारों की कुशलता और अश्वों की क्षमता देखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के समापन पर चयनित उत्कृष्ट अश्वों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने सभी अश्वपालकों, घुड़सवारों तथा पशु प्रेमियों से प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। आयोजकों ने प्रतिभागियों से निर्धारित समय पर अपना पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है। तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी के जरिये उत्कृष्ट नस्ल के अश्वों को प्रोत्साहन देने, अश्वपालकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाने और लवी मेले की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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