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Rampur Bushahar News: जाओं स्कूल में बिना शिक्षक कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य
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अध्यापकों के नौ पद पड़े खाली, 225 बच्चों का भविष्य बना अंधकारमय
शिक्षा मंत्री से मांग उठाने के बाद भी नहीं दूर हुई विद्यार्थियों की दुश्वारियां
राकेश बिन्नी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। दुर्गम क्षेत्रों में बदहाल शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। सरकार की अनदेखी के कारण विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल निरमंड खंड की दुर्गम पंचायत चायल के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाओं का है। इस स्कूल में अध्यापकों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है और स्कूल में रिक्त पदों को जल्द भरने की मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है।
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान ओम प्रकाश ने बताया कि इस स्कूल में जवागी और चायल पंचायतों के जवागी, तिंदर, चमारला, जाओं, डवाह, जरोट, सगोफा, बसवारी, ठारला, दोगरी, क्लोंट, ढमार, क्लोंटी और बघीर समेत 25 गांवों के 225 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में लंबे समय से राजनीति शास्त्र, गणित, इतिहास, अर्थ शास्त्र, समाजशास्त्र, शास्त्री, शारीरिक शिक्षक, कला अध्यापक और वोकेशनल ट्रेनिंग शिक्षक के अलावा लिपिक का पद खाली है। वहीं, अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए अभिभावकों के साथ शिक्षा मंत्री के बागीपुल दौरे के दौरान लिखित में मांग की थी। शिक्षा उप निदेशक को भी एसएमसी की ओर से कई बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब स्कूल से छात्र पलायन करने को मजबूर होने लगे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने सरकार, शिक्षा विभाग से मांग की है कि समय रहते अध्यापकों के रिक्त पदों को भरा जाए।
आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़े विधानसभा क्षेत्र आनी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ऐसा नहीं कि जाओं में बल्कि आनी विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में अध्यापकों के पदों को भरा नहीं जा रहा है। इसे लेकर सदन में बार-बार आवाज उठाई जाती है। जाओं स्कूल के रिक्त पदों को भरने को लेकर भी जल्द शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
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रिक्त पदों की सूची उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू के कार्यालय भेजी गई है। उम्मीद है कि जाओं स्कूल के छात्रों की संख्या को देखते हुए जल्द अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। - राजू कश्यप, प्रधानाचार्य
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शिक्षा मंत्री से मांग उठाने के बाद भी नहीं दूर हुई विद्यार्थियों की दुश्वारियां
राकेश बिन्नी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। दुर्गम क्षेत्रों में बदहाल शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। सरकार की अनदेखी के कारण विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल निरमंड खंड की दुर्गम पंचायत चायल के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाओं का है। इस स्कूल में अध्यापकों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है और स्कूल में रिक्त पदों को जल्द भरने की मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है।
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान ओम प्रकाश ने बताया कि इस स्कूल में जवागी और चायल पंचायतों के जवागी, तिंदर, चमारला, जाओं, डवाह, जरोट, सगोफा, बसवारी, ठारला, दोगरी, क्लोंट, ढमार, क्लोंटी और बघीर समेत 25 गांवों के 225 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में लंबे समय से राजनीति शास्त्र, गणित, इतिहास, अर्थ शास्त्र, समाजशास्त्र, शास्त्री, शारीरिक शिक्षक, कला अध्यापक और वोकेशनल ट्रेनिंग शिक्षक के अलावा लिपिक का पद खाली है। वहीं, अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए अभिभावकों के साथ शिक्षा मंत्री के बागीपुल दौरे के दौरान लिखित में मांग की थी। शिक्षा उप निदेशक को भी एसएमसी की ओर से कई बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब स्कूल से छात्र पलायन करने को मजबूर होने लगे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने सरकार, शिक्षा विभाग से मांग की है कि समय रहते अध्यापकों के रिक्त पदों को भरा जाए।
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आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़े विधानसभा क्षेत्र आनी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ऐसा नहीं कि जाओं में बल्कि आनी विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में अध्यापकों के पदों को भरा नहीं जा रहा है। इसे लेकर सदन में बार-बार आवाज उठाई जाती है। जाओं स्कूल के रिक्त पदों को भरने को लेकर भी जल्द शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
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रिक्त पदों की सूची उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू के कार्यालय भेजी गई है। उम्मीद है कि जाओं स्कूल के छात्रों की संख्या को देखते हुए जल्द अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। - राजू कश्यप, प्रधानाचार्य