फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Ensure that the benefits of government schemes reach the eligible individuals

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाएं अधिकारी : जगत सिंह नेगी

Thu, 15 Oct 2026 11:37 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

परियोजना सलाहकार समिति, वन अधिकार अधिनियम और भूमि अधिग्रहण एवं नौतोड़ से जुड़े मामलों की समीक्षा की

काजा (लाहौल-स्पीति)। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को काजा में परियोजना सलाहकार समिति, वन अधिकार अधिनियम, भूमि अधिग्रहण एवं नौतोड़ से संबंधित मामलों पर तीन अलग-अलग बैठकों की अध्यक्षता की। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने और लंबित मामलों का नियमानुसार निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय काजा के सम्मेलन कक्ष में आयोजित उपमंडल स्तरीय परियोजना सलाहकार समिति की बैठक में मंत्री ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों से विकास कार्यों की प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत स्पीति में संचालित विभिन्न विकासात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने बागवानी, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन और कल्याण विभागों को अपनी योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सभी संबंधित विभाग संयुक्त जागरूकता शिविर आयोजित करें, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि लोगों को समय पर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को समदो-काजा सड़क के उन्नयन कार्य में तेजी लाने तथा मार्ग पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी बल दिया। इसके बाद मंत्री जगत सिंह नेगी ने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में स्पीति उपमंडल में अधिनियम के तहत प्राप्त दावों और उनकी प्रक्रिया पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्रता निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही होगी। किसी भी परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरित करने से पहले ग्राम सभा में 50 प्रतिशत कोरम के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। आवेदक सादे कागज पर आवश्यक साक्ष्यों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। दावों की जांच और सत्यापन के लिए गांव, उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों के माध्यम से अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है। तीसरी बैठक में भूमि अधिग्रहण एवं नौतोड़ से संबंधित विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में हितधारकों की ओर से उठाए गए मुद्दों, प्रभावित लोगों की समस्याओं और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। राजस्व मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण एवं नौतोड़ से जुड़े मामलों का नियमानुसार निपटारा किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हितधारकों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान ने वन अधिकार अधिनियम और नौतोड़ से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक अनुराधा राणा, एसडीएम एवं परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना दीक्षित राणा, तहसीलदार धर्म पाल नेगी, बीडीसी अध्यक्षा छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, परियोजना सलाहकार समिति के गैर सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article