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Rampur Bushahar News: कर्मचारी महासंघ ने डीए, एरियर और पुरानी पेंशन के लिए खोला मोर्चा
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जिला शिमला अधिवेशन में केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने और लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग
बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया
आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करें
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ जिला शिमला का अधिवेशन रविवार को नेरवा में हुआ। इसमें जिले के विभिन्न मंडलों से सैकड़ों कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने और लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई।
महासंघ ने बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया। बहुकार्य, बहुउद्देश्यीय कर्मचारी, पैरा पंप चालक और मिस्त्री को महंगाई सूचकांक के अनुसार न्यूनतम वेतन देने और उनके नियमितीकरण के लिए नीति बनाने की मांग की गई। राजस्व विभाग के दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित कर पटवारी सहायक का पदनाम देने तथा सिलाई अध्यापिकाओं को नियमित करने की मांग भी उठाई गई।
आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने, बाह्य स्रोत से भर्ती बंद करने और कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाने की मांग की गई। कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिल, अवकाश नकदीकरण और उपदान का भुगतान करने की मांग भी रखी गई। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को करुणामूलक आधार पर बिना शर्त नौकरी देने की मांग की गई।
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महासंघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तृतीय श्रेणी पदों पर पदोन्नत करने तथा पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों को स्तरोन्नति और वित्तीय लाभ देने की मांग की। विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने और आयुष विभाग में कार्यरत योग गाइड को दैनिक भोगी बनाकर न्यूनतम वेतन देने की मांग भी उठाई गई।
राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष विपन डोगरा ने कहा कि कर्मचारियों, दिहाड़ीदारों, अंशकालिक कर्मियों और बाह्य स्रोत कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कर्मचारी आंदोलन की चेतावनी दी। पेंशनर महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लाल शर्मा ने लंबित देयों और मेडिकल बिलों का भुगतान न होने पर चिंता जताई।
अधिवेशन में नेरवा के पंप अटेंडेंटों के लंबित एरियर का मामला भी उठाया गया। महासंघ ने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता से न्यायालय के निर्णय के अनुसार शीघ्र एरियर जारी करने की मांग की।
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बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया
आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करें
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ जिला शिमला का अधिवेशन रविवार को नेरवा में हुआ। इसमें जिले के विभिन्न मंडलों से सैकड़ों कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने और लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई।
महासंघ ने बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया। बहुकार्य, बहुउद्देश्यीय कर्मचारी, पैरा पंप चालक और मिस्त्री को महंगाई सूचकांक के अनुसार न्यूनतम वेतन देने और उनके नियमितीकरण के लिए नीति बनाने की मांग की गई। राजस्व विभाग के दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित कर पटवारी सहायक का पदनाम देने तथा सिलाई अध्यापिकाओं को नियमित करने की मांग भी उठाई गई।
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आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने, बाह्य स्रोत से भर्ती बंद करने और कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाने की मांग की गई। कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिल, अवकाश नकदीकरण और उपदान का भुगतान करने की मांग भी रखी गई। मृत कर्मचारियों के आश्रितों को करुणामूलक आधार पर बिना शर्त नौकरी देने की मांग की गई।
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महासंघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तृतीय श्रेणी पदों पर पदोन्नत करने तथा पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों को स्तरोन्नति और वित्तीय लाभ देने की मांग की। विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने और आयुष विभाग में कार्यरत योग गाइड को दैनिक भोगी बनाकर न्यूनतम वेतन देने की मांग भी उठाई गई।
राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष विपन डोगरा ने कहा कि कर्मचारियों, दिहाड़ीदारों, अंशकालिक कर्मियों और बाह्य स्रोत कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कर्मचारी आंदोलन की चेतावनी दी। पेंशनर महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लाल शर्मा ने लंबित देयों और मेडिकल बिलों का भुगतान न होने पर चिंता जताई।
अधिवेशन में नेरवा के पंप अटेंडेंटों के लंबित एरियर का मामला भी उठाया गया। महासंघ ने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता से न्यायालय के निर्णय के अनुसार शीघ्र एरियर जारी करने की मांग की।