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Rampur Bushahar News: दलाश स्कूल को सीबीएसई का दर्जा देने की उठी मांग
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क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने सरकार और शिक्षा विभाग से राहत की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। आनी विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दलाश को सीबीएसई का दर्जा देने की मांग उठाई जा रही है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से इस ऐतिहासिक स्कूल को आगामी शिक्षा सत्र से सीबीएसई के तहत लाने की मांग की। दलाश में वर्ष 1913 में प्राथमिक स्कूल की शुरुआत हुई थी। वर्ष 1986 में यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की स्थापना की गई। यह आनी विधानसभा क्षेत्र का पहला जमा दो स्कूल माना जाता है। दलाश पंचायत प्रधान आशा वर्मा, ब्युंगल पंचायत प्रधान हरदयाल, डिंगीधार पंचायत प्रधान सपना, पंचायत समिति सदस्य देव राज चौहान सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि स्कूल का भवन आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। विद्यार्थियों के लिए यहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूल में साइंस लैब का निर्माण भी जल्द पूरा होने वाला है। वर्तमान में स्कूल में उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 59 विद्यार्थी और प्राथमिक स्तर पर 34 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में भवन, सुविधाएं, स्टाफ और विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त है। ऐसे में इसे सीबीएसई का दर्जा दिया जाना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। सीबीएसई से जुड़ने के बाद क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि दलाश स्कूल को आगामी शिक्षा सत्र से सीबीएसई के तहत लाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे बच्चों को लाभ मिलेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। आनी विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दलाश को सीबीएसई का दर्जा देने की मांग उठाई जा रही है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से इस ऐतिहासिक स्कूल को आगामी शिक्षा सत्र से सीबीएसई के तहत लाने की मांग की। दलाश में वर्ष 1913 में प्राथमिक स्कूल की शुरुआत हुई थी। वर्ष 1986 में यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की स्थापना की गई। यह आनी विधानसभा क्षेत्र का पहला जमा दो स्कूल माना जाता है। दलाश पंचायत प्रधान आशा वर्मा, ब्युंगल पंचायत प्रधान हरदयाल, डिंगीधार पंचायत प्रधान सपना, पंचायत समिति सदस्य देव राज चौहान सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि स्कूल का भवन आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। विद्यार्थियों के लिए यहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूल में साइंस लैब का निर्माण भी जल्द पूरा होने वाला है। वर्तमान में स्कूल में उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 59 विद्यार्थी और प्राथमिक स्तर पर 34 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में भवन, सुविधाएं, स्टाफ और विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त है। ऐसे में इसे सीबीएसई का दर्जा दिया जाना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। सीबीएसई से जुड़ने के बाद क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि दलाश स्कूल को आगामी शिक्षा सत्र से सीबीएसई के तहत लाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे बच्चों को लाभ मिलेगा।