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Rampur Bushahar News: स्पेन और खच्चरों से पहुंच रही राशन सामग्री और सामान
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रूनंग गांव की 250 की आबादी आज भी सड़क सुविधा से महरूम
कड़छम से प्रस्तावित छह किलोमीटर सड़क का नहीं हो पाया निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। आजादी के बाद किन्नौर जिले का रूनंग गांव सड़क सुविधा से महरूम है। 250 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी वर्षों पुरानी समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क सुविधा का सपना कब पूरा होगा, सैकड़ों ग्रामीण इसकी आस लगाए हुए हैं। सरकार की अनदेखी से ग्रामीण वर्षों बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव के लिए प्रस्तावित सड़क का कार्य कब शुरू होगा ग्रामीण इसको लेकर चिंतित हैं।
गौर हो कि निचार खंड की यूला पंचायत के तहत रूनंग गांव आज भी देश-दुनिया से कटा हुआ है। इस जनजातीय क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव के विकास के लिए सड़क सुविधा जरूरी है, लेकिन अफसोस की बात है कि आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीण आज भी दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। आज भी गांव में स्पेन और खच्चरों से राशन सामग्री, सिलिंडर और अन्य जरूरत सामान पहुंचाया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानियां मरीजों को झेलनी पड़ रही हैं। सड़क सुविधा न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौतियों भरा बना हुआ है। ग्रामीणों जीवन नेगी, रामलाल नेगी, कुश नेगी और वीरेंद्र नेगी ने बताया कि नेशनल हाईवे-पांच कड़छम से सिर्फ छह किलोमीटर ऊपर स्थित रूनंग गांव के लिए आज भी सड़क नहीं बन पाई है। सड़क निर्माण को लेकर सर्वे हो चुका है और यहां तक कि डीपीआर भी तैयार की जा चुकी है। सड़क निर्माण को लेकर सरकारों के नकारात्मक रवैये से ग्रामीणों में मायूसी है। मरीजों को पीठ या स्ट्रैचर पर अस्पताल ले जाने को ग्रामीण मजबूर हैं। बीते छह माह से इस गांव के स्वास्थ्य केंद्र में कोई कर्मचारी नहीं है, ऐसे में ग्रामीणों को उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचना दिक्कतों भरा बना हुआ है।
ग्राम पंचायत यूला के उपप्रधान राकेश कुमार नेगी ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही मंत्री जगत सिंह नेगी सड़क की आधारशिला रखेंगे।
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कड़छम से प्रस्तावित छह किलोमीटर सड़क का नहीं हो पाया निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। आजादी के बाद किन्नौर जिले का रूनंग गांव सड़क सुविधा से महरूम है। 250 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी वर्षों पुरानी समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क सुविधा का सपना कब पूरा होगा, सैकड़ों ग्रामीण इसकी आस लगाए हुए हैं। सरकार की अनदेखी से ग्रामीण वर्षों बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव के लिए प्रस्तावित सड़क का कार्य कब शुरू होगा ग्रामीण इसको लेकर चिंतित हैं।
गौर हो कि निचार खंड की यूला पंचायत के तहत रूनंग गांव आज भी देश-दुनिया से कटा हुआ है। इस जनजातीय क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव के विकास के लिए सड़क सुविधा जरूरी है, लेकिन अफसोस की बात है कि आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीण आज भी दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। आज भी गांव में स्पेन और खच्चरों से राशन सामग्री, सिलिंडर और अन्य जरूरत सामान पहुंचाया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानियां मरीजों को झेलनी पड़ रही हैं। सड़क सुविधा न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौतियों भरा बना हुआ है। ग्रामीणों जीवन नेगी, रामलाल नेगी, कुश नेगी और वीरेंद्र नेगी ने बताया कि नेशनल हाईवे-पांच कड़छम से सिर्फ छह किलोमीटर ऊपर स्थित रूनंग गांव के लिए आज भी सड़क नहीं बन पाई है। सड़क निर्माण को लेकर सर्वे हो चुका है और यहां तक कि डीपीआर भी तैयार की जा चुकी है। सड़क निर्माण को लेकर सरकारों के नकारात्मक रवैये से ग्रामीणों में मायूसी है। मरीजों को पीठ या स्ट्रैचर पर अस्पताल ले जाने को ग्रामीण मजबूर हैं। बीते छह माह से इस गांव के स्वास्थ्य केंद्र में कोई कर्मचारी नहीं है, ऐसे में ग्रामीणों को उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचना दिक्कतों भरा बना हुआ है।
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ग्राम पंचायत यूला के उपप्रधान राकेश कुमार नेगी ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही मंत्री जगत सिंह नेगी सड़क की आधारशिला रखेंगे।
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