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नारकंडा में बागवानों ने किया चक्का जाम

Thu, 04 Oct 2018 10:28 PM IST
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:28 PM IST
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नारकंडा में एनएच पर दो घंटे चक्का जाम
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सेब आढ़तियों के खिलाफ सड़क पर उतरे बागवान
चेताया, नहीं हुई शुल्क में कटौती होगा उग्र प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। पर्यटन नगरी नारकंडा में सेब आढ़तियों की ओर से बागवानों से काटे जा रहे शुल्क के विरोध में बागवानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। ठियोग-कुमारसैन विस क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा की अगुवाई में नाराज बागवानों ने एनएच पांच पर करीब दो घंटे चक्का जाम किया। इस मौके पर बागवानों ने प्रदेश सरकार और एपीएमसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द बागवानों से वसूले जा रहे शुल्क को कम करने की मांग की।
वीरवार को पहले विधायक की अगुवाई में बागवान रेस्ट हाउस नारकंडा में एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से नारकंडा बाजार में एपीएमसी और सरकार की बागवान विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए चक्का जाम किया। इस अवसर पर बागवानों को संबोधित करते हुए राकेश सिंघा ने कहा कि सेब के आढ़तियों की ओर से बागवानों को लूटा जा रहा है और नाजायज रूप से पैसे काटे जा रहे हैं, जोकि एपीएमसी के नियम के मुताबिक ज्यादा है। पांच रुपये से ज्यादा प्रति पेटी शुल्क बागवानों से काटना गलत है। यदि समय रहते एपीएमसी और प्रदेश सरकार ने कोई उचित कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा एपीएमसी में शिकायत करने पर चार बागवानों को उनकी बकाया राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही इसके बारे मेें कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में उक्त आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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बागवान रीना ठाकुर, कुशाल चौहान, प्रेम चौहान, लायक राम ओस्टा, राजेंद्र चौहान, गुलाब मखैक, देविंद्र सिंह, जोगिंद्र ठाकुर, प्रेमचंद, अमर सिंह, सुरेश मेहता, प्रीतम कंवर, संजय ठाकुर, रिंकू सिंह, दिलीप शर्मा, राकेश वर्मा, वेद प्रकाश, अनिल भारद्वाज ने आढ़तियों द्वारा वसूले जा रहे शुल्क के खिलाफ विरोध जताया है।
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एपीएमसी अध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि जिस भी बागवानों की शिकायत एपीएमसी को मिली है, उस पर कार्रवाई की गई है। बागवानों को कोई भी दिक्कत हो तो वह एपीएमसी में लिखित शिकायत करें। बागवानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, यदि इनके साथ शोषण हुआ है तो इसको लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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