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दुख की घड़ी में अपनों ने भी छोड़ा कमला देवी का साथ
Updated Tue, 05 Jun 2018 06:48 PM IST
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दुख की घड़ी में अपनों ने छोड़ा साथ
आईजीएमसी में उपचाराधीन कमला से मिलने नहीं आ रहा कोई अपना
जुब्बल में गाड़ी की टक्कर से घायल हो गई थी चंबा की मजदूर महिला
राजेश हंसरेटा
रोहड़ू। बच्चे अपने मां, बाप के बुढ़ापे का सहारा होते हैं। लेकिन दुख की घड़ी में कई बार अपने भी साथ छोड़ देते है। चंबा निवासी कमला देवी के साथ ऐसा हो रहा है। वह भी अपनों से दूरी का दर्द झेल रही। दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाली कमला देवी आईजीएमसी शिमला में भर्ती है।
बीते एक सप्ताह से कमला आईजीएमसी में उपचाराधीन है। लेकिन अभी तक कमला देवी का कोई भी अपना उसकी सुध लेने नहीं आया है। आईजीएमसी शिमला में कमला देवी के इलाज पर आ रहे खर्चे व उसकी देखभाल हिमराक्स समाज सेवी संस्था की ओर से की जा रही है। चंबा निवासी कमला देवी (45) जुब्बल में दिहाड़ी कर दो वक्त की रोटी कमाती थी। 29 मई को अंटी में एक तेज रफ्तार गाड़ी ने कमला देवी को टक्कर मारकर घायल कर दिया। हादसे में कमला को गहरी चोटें आई। हिमराक्स समाज सेवी संस्था के सदस्यों ने कमला देवी को घायल अवस्था में आईजीएमसी शिमला पहुंचाया। यहां पर कमला के दो ऑपरेशन हो चुके हैं। कमला के दोनों पैर टूट गए तथा एक हाथ भी फैक्चर है। आईजीएमसी शिमला में बेसुध अवस्था में पड़ी कमला देवी अपनों के बिना असहाय हो गई है। समाज सेवी संस्था ने कमला के ऑपरेशन पर अब तक करीब 40 हजार रुपये की राशि खर्च कर दी है। संस्था की ओर से एक सदस्य भी उसकी देखभाल कर रहा है। प्रशासन की ओर से कमला देवी को अभी तक कोई भी मदद नहीं दी गई है। हिमराक्स समाज सेवी संस्था के सचिव चरण दास ने बताया कि संस्था महिला का ख्याल रख रही है। लेकिन अभी तक महिला का कोई भी परिजन उसे संभालने नहीं पहुंचा है। महिला एक बगीचे में किराये के कमरे में रहती थी। दिहाड़ी मजदूरी कर गुजारा करती थी। आसपास में पूछताछ पर पता चला है कि वह चंबा जिला की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से भी महिला को अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई है।
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आईजीएमसी में उपचाराधीन कमला से मिलने नहीं आ रहा कोई अपना
जुब्बल में गाड़ी की टक्कर से घायल हो गई थी चंबा की मजदूर महिला
राजेश हंसरेटा
रोहड़ू। बच्चे अपने मां, बाप के बुढ़ापे का सहारा होते हैं। लेकिन दुख की घड़ी में कई बार अपने भी साथ छोड़ देते है। चंबा निवासी कमला देवी के साथ ऐसा हो रहा है। वह भी अपनों से दूरी का दर्द झेल रही। दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाली कमला देवी आईजीएमसी शिमला में भर्ती है।
बीते एक सप्ताह से कमला आईजीएमसी में उपचाराधीन है। लेकिन अभी तक कमला देवी का कोई भी अपना उसकी सुध लेने नहीं आया है। आईजीएमसी शिमला में कमला देवी के इलाज पर आ रहे खर्चे व उसकी देखभाल हिमराक्स समाज सेवी संस्था की ओर से की जा रही है। चंबा निवासी कमला देवी (45) जुब्बल में दिहाड़ी कर दो वक्त की रोटी कमाती थी। 29 मई को अंटी में एक तेज रफ्तार गाड़ी ने कमला देवी को टक्कर मारकर घायल कर दिया। हादसे में कमला को गहरी चोटें आई। हिमराक्स समाज सेवी संस्था के सदस्यों ने कमला देवी को घायल अवस्था में आईजीएमसी शिमला पहुंचाया। यहां पर कमला के दो ऑपरेशन हो चुके हैं। कमला के दोनों पैर टूट गए तथा एक हाथ भी फैक्चर है। आईजीएमसी शिमला में बेसुध अवस्था में पड़ी कमला देवी अपनों के बिना असहाय हो गई है। समाज सेवी संस्था ने कमला के ऑपरेशन पर अब तक करीब 40 हजार रुपये की राशि खर्च कर दी है। संस्था की ओर से एक सदस्य भी उसकी देखभाल कर रहा है। प्रशासन की ओर से कमला देवी को अभी तक कोई भी मदद नहीं दी गई है। हिमराक्स समाज सेवी संस्था के सचिव चरण दास ने बताया कि संस्था महिला का ख्याल रख रही है। लेकिन अभी तक महिला का कोई भी परिजन उसे संभालने नहीं पहुंचा है। महिला एक बगीचे में किराये के कमरे में रहती थी। दिहाड़ी मजदूरी कर गुजारा करती थी। आसपास में पूछताछ पर पता चला है कि वह चंबा जिला की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से भी महिला को अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई है।
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