{"_id":"5ad898f24f1c1b3b0b8b5701","slug":"31524144370-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवठी पंचायत में रही दो दिवसीय मेले की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवठी पंचायत में रही दो दिवसीय मेले की धूम
Updated Thu, 19 Apr 2018 06:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चजाई नाग देवता संग झूमे श्रद्धालु
देवठी में रही दो दिवसीय मेले की धूम
आनी (कुल्लू)। आनी खंड की ग्राम पंचायत देवठी के देवता चजाई नाग के सानिध्य में दो दिवसीय ग्रामीण मेला धूमधाम से मनाया गया। देवता के कारदार रूपचंद ने बताया कि देवता चजाई नाग देवस्थली एवं तीर्थ स्थल चजाई में सैकड़ों श्रद्धालुओं संग शामिल हुए। देवता चजाई नाग के साथ तीर्थ स्थल चजाई में ग्राम पंचायत देवठी के गांव डौहवी, जौह, डींग, कुटवा, डघूट, चनोग, घनैर, गुगरा आदि गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। देवठी के प्रसिद्ध देवता चजाई नाग हर साल अपनी तपोस्थली चजाई जाते हैं। यहां पर देवता के गूर, कार करिंदे, पुजारी, दरोगे, कमेटी सदस्य और पंचायत के हर गांव के लोग पूजा अर्चना करते हैं। पंडित कुंजू राम, रूप चंद, नारायण दास, चेत राम, राजू राम, संतोष ठाकुर आदि ने बताया कि देवता की तपोस्थली पर दो दिन में हवन पाठ महायज्ञ देव मेला जैसी परंपराओं को पूरा किया गया। क्षेत्र को ओलों और आंधी तूफान से बचाने के लिए भी देवता चजाई नाग से आह्वान किया गया। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए इंद्र देवता की पूजा भी की गई। ग्रामीणों ने पहाड़ी गीतों और भजनों से देव मेले में प्राचीन संस्कृति का प्रचार किया। दो दिन की देव पूजा और देव मेले के समापन के बाद देवता चजाई नाग अपने निवास स्थान के लिए सैकड़ों देवलुओं संग लौट गए।
विज्ञापन
देवठी में रही दो दिवसीय मेले की धूम
आनी (कुल्लू)। आनी खंड की ग्राम पंचायत देवठी के देवता चजाई नाग के सानिध्य में दो दिवसीय ग्रामीण मेला धूमधाम से मनाया गया। देवता के कारदार रूपचंद ने बताया कि देवता चजाई नाग देवस्थली एवं तीर्थ स्थल चजाई में सैकड़ों श्रद्धालुओं संग शामिल हुए। देवता चजाई नाग के साथ तीर्थ स्थल चजाई में ग्राम पंचायत देवठी के गांव डौहवी, जौह, डींग, कुटवा, डघूट, चनोग, घनैर, गुगरा आदि गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। देवठी के प्रसिद्ध देवता चजाई नाग हर साल अपनी तपोस्थली चजाई जाते हैं। यहां पर देवता के गूर, कार करिंदे, पुजारी, दरोगे, कमेटी सदस्य और पंचायत के हर गांव के लोग पूजा अर्चना करते हैं। पंडित कुंजू राम, रूप चंद, नारायण दास, चेत राम, राजू राम, संतोष ठाकुर आदि ने बताया कि देवता की तपोस्थली पर दो दिन में हवन पाठ महायज्ञ देव मेला जैसी परंपराओं को पूरा किया गया। क्षेत्र को ओलों और आंधी तूफान से बचाने के लिए भी देवता चजाई नाग से आह्वान किया गया। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए इंद्र देवता की पूजा भी की गई। ग्रामीणों ने पहाड़ी गीतों और भजनों से देव मेले में प्राचीन संस्कृति का प्रचार किया। दो दिन की देव पूजा और देव मेले के समापन के बाद देवता चजाई नाग अपने निवास स्थान के लिए सैकड़ों देवलुओं संग लौट गए।