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तीन हजार के प्लॉट के वसूले 35 हजार
Updated Wed, 08 Nov 2017 05:57 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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रामपुर बुशहर।
रामपुर अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी हो रही है। टैक्स चोरी भी धड़ल्ले से की जा रही है। लवी में प्लॉट आवंटन में लाखों रुपये की कमाई होती है। प्लॉट आवंटन के नाम पर नगर परिषद के नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। नप के दफ्तर के बाहर नोटिस बोर्ड पर लिखित रूप में सूचित किया गया है कि कोई भी ठेकेदार अगर प्लॉट व्यापारियों को बेचेगा तो नप की निर्धारित दरों से अधिक दाम नहीं वसूल सकते। इसके अलावा व्यापारियों को रसीद की कच्ची कापी दी जा रही है। इसमें जीएसटी का कहीं कोई जिक्र नहीं है।
नप की ओर से प्लॉट की दरें 1500 रुपये से लेकर अधिकतम तीन हजार रुपये तक निर्धारित की गई हैं। इसके बावजूद जो प्लॉट तीन हजार रुपये में बेचा जाना चाहिए था, उसे 35 हजार रुपये के हिसाब से बेचा जा रहा है। पुराने बस अड्डे से कॉलेज ग्राउंड तक सड़क के किनारे प्लॉट बेचे जा रहे हैं। नप घपले पर नजर नहीं रख रही है। सड़क के किनारे करीब 650 प्लॉट चिन्हित किए हैं। कॉलेज ग्राउंड में प्लॉटों की दरें अलग हैं। लवी मेले के लिए हर साल सड़क किनारे स्टॉल लगाने के लिए नगर परिषद प्लॉट की नीलामी करता है। इस बारे में निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं। इस बार शर्त रखी गई थी कि जो भी टेंडर भरेगा, उसके पास जीएसटी नंबर अनिवार्य हो। इस शर्त के बाद अधिकांश टेंडर नहीं भर पाए, क्योंकि उनके पास जीएसटी नंबर नहीं था। ऐसे में लवी मेले के लिए सड़क किनारे स्टॉलों का टेंडर 53 लाख रुपये में छूटा और अंतिम क्षणों में अधिकतम बोली देने वाले व्यक्ति ने हाथ पीछे खींच लिए और दूसरे नंबर में रेट भरने वाले को 45 लाख में सभी प्लॉट आवंटित कर दिए गए। पिछले साल ये प्लॉट करीब 18 लाख रुपये में बेचे गए थे।
क्या कहते हैं व्यापारी
कुल्लू से आई नीलम बौद्ध ने कहा कि उनसे एक प्लॉट के 30 हजार रुपये वसूले हैं। किन्नौर से आई होटल व्यवसायी प्रतिभा चक्रवर्ती ने कहा कि उनसे दुकान लगाने के 35 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। लालसा के व्यापारी अमृत लाल का कहना है कि उनसे प्लॉट के 25 हजार रुपये लिए जा रहे। इन व्यापारियों ने मेला कमेटी और नगर परिषद से प्लॉट के उचित रेट लेने की मांग की है।
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यह है नप की ओर से तय दरें
मेला मैदान के साथ लगे विद्युत ट्रांसफार्मर से कॉलेज गेट तक एक प्लॉट के तीन हजार रुपये, कॉलेज गेट से गौरा मोड़ तक दो हजार रुपये और गौरा मोड़ से पुराने बस अड्डे तक एक प्लॉट के 1500 रुपये कीमत निर्धारित है।
उचित कार्रवाई की जाएगी : निपुण
मेला कमेटी उपाध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल का कहना है कि इस बारे में नगर परिषद से बातचीत की जाएगी। नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि लवी मेले के दौरान सड़क किनारे लगने वाले प्लॉट के टेंडर 45 लाख रुपये में किए गए हैं। व्यापारियों से प्लॉट के अधिक दामों पर बिकने की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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रामपुर अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी हो रही है। टैक्स चोरी भी धड़ल्ले से की जा रही है। लवी में प्लॉट आवंटन में लाखों रुपये की कमाई होती है। प्लॉट आवंटन के नाम पर नगर परिषद के नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। नप के दफ्तर के बाहर नोटिस बोर्ड पर लिखित रूप में सूचित किया गया है कि कोई भी ठेकेदार अगर प्लॉट व्यापारियों को बेचेगा तो नप की निर्धारित दरों से अधिक दाम नहीं वसूल सकते। इसके अलावा व्यापारियों को रसीद की कच्ची कापी दी जा रही है। इसमें जीएसटी का कहीं कोई जिक्र नहीं है।
नप की ओर से प्लॉट की दरें 1500 रुपये से लेकर अधिकतम तीन हजार रुपये तक निर्धारित की गई हैं। इसके बावजूद जो प्लॉट तीन हजार रुपये में बेचा जाना चाहिए था, उसे 35 हजार रुपये के हिसाब से बेचा जा रहा है। पुराने बस अड्डे से कॉलेज ग्राउंड तक सड़क के किनारे प्लॉट बेचे जा रहे हैं। नप घपले पर नजर नहीं रख रही है। सड़क के किनारे करीब 650 प्लॉट चिन्हित किए हैं। कॉलेज ग्राउंड में प्लॉटों की दरें अलग हैं। लवी मेले के लिए हर साल सड़क किनारे स्टॉल लगाने के लिए नगर परिषद प्लॉट की नीलामी करता है। इस बारे में निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं। इस बार शर्त रखी गई थी कि जो भी टेंडर भरेगा, उसके पास जीएसटी नंबर अनिवार्य हो। इस शर्त के बाद अधिकांश टेंडर नहीं भर पाए, क्योंकि उनके पास जीएसटी नंबर नहीं था। ऐसे में लवी मेले के लिए सड़क किनारे स्टॉलों का टेंडर 53 लाख रुपये में छूटा और अंतिम क्षणों में अधिकतम बोली देने वाले व्यक्ति ने हाथ पीछे खींच लिए और दूसरे नंबर में रेट भरने वाले को 45 लाख में सभी प्लॉट आवंटित कर दिए गए। पिछले साल ये प्लॉट करीब 18 लाख रुपये में बेचे गए थे।
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क्या कहते हैं व्यापारी
कुल्लू से आई नीलम बौद्ध ने कहा कि उनसे एक प्लॉट के 30 हजार रुपये वसूले हैं। किन्नौर से आई होटल व्यवसायी प्रतिभा चक्रवर्ती ने कहा कि उनसे दुकान लगाने के 35 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। लालसा के व्यापारी अमृत लाल का कहना है कि उनसे प्लॉट के 25 हजार रुपये लिए जा रहे। इन व्यापारियों ने मेला कमेटी और नगर परिषद से प्लॉट के उचित रेट लेने की मांग की है।
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यह है नप की ओर से तय दरें
मेला मैदान के साथ लगे विद्युत ट्रांसफार्मर से कॉलेज गेट तक एक प्लॉट के तीन हजार रुपये, कॉलेज गेट से गौरा मोड़ तक दो हजार रुपये और गौरा मोड़ से पुराने बस अड्डे तक एक प्लॉट के 1500 रुपये कीमत निर्धारित है।
उचित कार्रवाई की जाएगी : निपुण
मेला कमेटी उपाध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल का कहना है कि इस बारे में नगर परिषद से बातचीत की जाएगी। नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि लवी मेले के दौरान सड़क किनारे लगने वाले प्लॉट के टेंडर 45 लाख रुपये में किए गए हैं। व्यापारियों से प्लॉट के अधिक दामों पर बिकने की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।