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नेरवा अस्पताल में नहीं मिल रहे एंटी रेबीज के इंजेक्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
नेरवा। उत्तराखंड की सीमा के साथ लगती पिछड़ी पंचायत किरण में पागल कुत्तों के काटने से घायल हुए पीड़ितों को एंटी रेबीज इंजेक्शन नेरवा अस्पताल में नहीं मिल रहे हैं। पीड़ितों के अनुसार नेरवा अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में उन्हें महंगे दामों पर बाजार से इंजेक्शन खरीद कर लगवाने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के करीब अठारह लोगों को इस समय एंटी रेबीज इंजेक्शन की जरूरत है।
किरण पंचायत के थंगाड़ गांव में ईशा पुत्री भजेंद्र सिंह, गंभीर कुमार पुत्र बरजीत सिंह, अमर सिंह एवं उसकी पत्नी धत्ती देवी, किंजल पुत्री कुंदन सिंह, रोशन लाल और कर्ण बहादुर को पागल कुत्ते ने काटा है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध न होने पर उन्हें खुद बाजार से खरीद कर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं। थंगाड़ गांव निवासी कमाल चंद के अनुसार उनकी गाय के बछड़े को पागल कुत्ते ने काटा। पूरा परिवार इस गाय का दूध पीता रहा। बाद में गाय का बछड़ा पागल हो गया। बछड़े के पागल होने पर परिवार के सदस्य एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए नेरवा अस्पताल पहुंचे तो यहां पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे।
खंड चिकित्सा अधिकारी नेरवा डॉ अरविंद मेहरा के अनुसार अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन समाप्त होने के बाद विभाग को इनकी डिमांड भेजी गई है। जल्द ही अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएंगे।
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एसडीएम अजीत भारद्वाज ने कहा कि मामले को जिलाधीश शिमला के समक्ष रखकर नेरवा अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। जो लोग बाजार से इंजेक्शन लेकर लगवा रहे हैं। उसके पैसे प्रशासन द्वारा अदा कर दिए जाएंगे।
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नेरवा। उत्तराखंड की सीमा के साथ लगती पिछड़ी पंचायत किरण में पागल कुत्तों के काटने से घायल हुए पीड़ितों को एंटी रेबीज इंजेक्शन नेरवा अस्पताल में नहीं मिल रहे हैं। पीड़ितों के अनुसार नेरवा अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में उन्हें महंगे दामों पर बाजार से इंजेक्शन खरीद कर लगवाने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के करीब अठारह लोगों को इस समय एंटी रेबीज इंजेक्शन की जरूरत है।
किरण पंचायत के थंगाड़ गांव में ईशा पुत्री भजेंद्र सिंह, गंभीर कुमार पुत्र बरजीत सिंह, अमर सिंह एवं उसकी पत्नी धत्ती देवी, किंजल पुत्री कुंदन सिंह, रोशन लाल और कर्ण बहादुर को पागल कुत्ते ने काटा है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध न होने पर उन्हें खुद बाजार से खरीद कर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं। थंगाड़ गांव निवासी कमाल चंद के अनुसार उनकी गाय के बछड़े को पागल कुत्ते ने काटा। पूरा परिवार इस गाय का दूध पीता रहा। बाद में गाय का बछड़ा पागल हो गया। बछड़े के पागल होने पर परिवार के सदस्य एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए नेरवा अस्पताल पहुंचे तो यहां पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे।
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खंड चिकित्सा अधिकारी नेरवा डॉ अरविंद मेहरा के अनुसार अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन समाप्त होने के बाद विभाग को इनकी डिमांड भेजी गई है। जल्द ही अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएंगे।
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एसडीएम अजीत भारद्वाज ने कहा कि मामले को जिलाधीश शिमला के समक्ष रखकर नेरवा अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। जो लोग बाजार से इंजेक्शन लेकर लगवा रहे हैं। उसके पैसे प्रशासन द्वारा अदा कर दिए जाएंगे।