हिमाचल प्रदेश: कांग्रेस में संगठनात्मक हलचल तेज, अध्यक्ष घोषित करने से पहले राहुल गांधी, खरगे ने समझे समीकरण
Himachal Congress: शुक्रवार सुबह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ करीब सवा घंटे तक चली बैठक में प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर मंथन किया। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल कांग्रेस में लंबे समय से अटकी संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अब दिल्ली दरबार में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ करीब सवा घंटे तक चली बैठक में प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर मंथन किया। बैठक खरगे के आवास पर सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुई, जो करीब दस बजे तक चली। इस दौरान हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे।
दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल के छह प्रमुख नेताओं कुलदीप राठौर, रोहित ठाकुर, आशीष बुटेल, विनय कुमार, सुरेश कुमार और विनोद सुल्तानपुरी से अलग-अलग मुलाकात कर फीडबैक लिया। नेताओं से पूछा गया कि यदि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए, तो उनका विजन क्या होगा, संगठन को मजबूत करने के लिए कौन से कदम उठाएंगे और विपक्ष से कैसे निपटेंगे। बैठक में प्रदेश के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यह आकलन किया गया कि कौन सा चेहरा संगठन में संतुलन ला सकता है। राहुल गांधी और खरगे ने भाजपा की नियुक्ति नीति और प्रदेश में बदलते राजनीतिक माहौल को लेकर भी नेताओं से राय जानी। हाईकमान ने यह भी समझा कि नेताओं ने अब तक संगठन में कौन-कौन सी जिम्मेदारियां संभाली हैं और अगर किसी अन्य को अध्यक्ष बनाया जाता है तो उनका सहयोग कैसा रहेगा। बैठक के दौरान हाईकमान ने यह भी स्पष्ट किया गया कि नया अध्यक्ष वही बनेगा जो सभी गुटों को साथ लेकर चल सके और संगठन में नई ऊर्जा ला सके।
सूत्र बताते हैं कि हिमाचल कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा अगले सप्ताह के भीतर हो सकती है। पार्टी की राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी बीते एक साल से भंग है। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा हुआ था। अब हाईकमान चाहता है कि पंचायत और निकाय चुनावों से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाए।
हिमाचल में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद संगठनात्मक कमजोरी पार्टी के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। नए अध्यक्ष के चयन को लेकर इस बार नेतृत्व बेहद सतर्क है। प्रदेश में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ ऐसा चेहरा तलाशा जा रहा है जो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पार्टी संगठन के बीच समन्वय बनाकर पार्टी को मजबूत करे।
प्रदेश में कांग्रेस संगठन और सरकार में अधिक नियुक्तियां राजपूत वर्ग से है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर, एनएसयूआई अध्यक्ष अभिनंदन ठाकुर राजपूत वर्ग से हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी इसी वर्ग से है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ब्राह्मण वर्ग से हैं।