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20 हजार टीजीटी को नए साल का तोहफा
अमर उजाला,शिमला
Updated Wed, 01 Jan 2014 01:15 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में तैनात टीजीटी शिक्षकों को प्रदेश सरकार ने नववर्ष पर बड़ी राहत दी है।
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सितंबर 2010 से पहले तैनात टीजीटी शिक्षकों पर पीजीटी पदोन्नति के लिए स्नातकोत्तर और बीएड की डिग्री में न्यूनतम अंकों की शर्त लागू नहीं होगी।
इससे पहले के नियमों पर ही टीजीटी शिक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी। इसमें पीजी डिग्री में 35 फीसदी अंक हासिल करने वाले शिक्षक भी पदोन्नत हो सकेंगे। इससे स्पष्ट है इस समय से पहले स्कूलों में तैनात टीजीटी शिक्षक स्नातकोत्तर और बीएड की डिग्री पर पदोन्नत होंगे।
उच्च शिक्षा विभाग में हेडमास्टरों की पदोन्नति सूची जारी होने के बाद इनकी पदोन्नति लिस्ट तैयार की जानी है। अब नए नियमों की शर्त हटने के बाद हजारों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
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टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति के लिए पहली बार नियमों को सितंबर 2010 में बदला। विभाग ने पीजी और बीएड डिग्री में 50 फीसदी आंकों की अनिवार्यता को रखा।
इसके बाद शिक्षक संघों की मांग पर 19 अगस्त 2011 को इस अनिवार्यता को घटा कर 45 फीसदी कर दिया था। अब विभाग पदोन्नति के लिए इन नियमों को लागू कर रहा था। शिक्षक संघ लंबे समय से पुराने शिक्षकों पर नए नियम लगाने का विरोध कर रहे थे।
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शिक्षक संघों की मांग पर विभाग ने इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा था। सरकार ने पहले मंजूरी दे दी थी, लेकिन आदेशों में स्पष्टता न होने के कारण मामला अधर में लटका था। अब विभाग को सरकार की ओर से निर्देश मिले हैं कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम लागू न किए जाए। इसी आधार पर विभाग की ओर से टीजीटी से पीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सूची तैयार की जानी है।
निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बूराथोकी ने कहा कि पीटीजी के लिए नए नियम बनने से पहले लगे टीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति के लिए 45 फीसदी अंकों की शर्त लागू नहीं होगी। इन्हें पुराने नियमों के तहत ही पदोन्नति दी जाएगी। सरकार की मंजूरी के बाद विभाग शीघ्र ही प्रक्रिया शुरू करेगा।