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यहां दिनभर इधर-उधर भागते रहे बस यात्री

Mon, 26 Aug 2013 10:38 PM IST
शिमला/अमर उजाला ब्यूरो
शिमला/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Aug 2013 10:38 PM IST
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private buses strike in himachal

हिमाचल में बसों का किराया बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर हुई हड़ताल तीन जिलों को छोड़कर शेष राज्य में असरदार रही। राजधानी शिमला में परिवहन निगम के अफसर पुख्ता इंतजाम करने को सड़कों पर नजर आए।

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इसके बावजूद उपनगरों में यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा। राज्य में निगम की बड़ी बसें लंबे अरसे बाद शहरों की सड़कों पर दौड़ती दिखीं।

इन बसों को दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू से आने के बाद शिमला से संजौली, समरहिल, न्यू शिमला, कुसुम्पटी और टुटू घणाहटी के बीच चलाया गया।

ऐसी ही व्यवस्था निगम प्रबंधन ने सोलन, बिलासपुर, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, धर्मशाला, मनाली और कुल्लू में कर रखी थी।

दस बजे के बाद जिन जिलों में हड़ताल का कम प्रभाव था, उन जिलों से निगम की बसों को साथ लगते जिलों में शिफ्ट कर चलाया गया।

सुबह ही निगम प्रबंधन ने लंबे रूटों की बसों को लोकल रूटों पर चलाना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद लोगों को घंटों शहरों तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ा। निगम की बसें सड़कों पर थीं, लेकिन उनकी संख्या निजी बसों से काफी कम होने के कारण लोगों को परेशानी हुई।
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धर्मशाला और कुल्लू में निजी बसों ने सोमवार को सेवाएं जारी रहीं। हमीरपुर और बिलासपुर में सुबह कुछ बसें चलीं, लेकिन बाद में पूरी तरह से सेवाएं बंद कर दीं। इन क्षेत्रों में सेवाएं एकदम बंद होने से लोगों को ज्यादा परेशानी हुई।
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हिमालयन ट्रांसपोर्टर यूनियन के अध्यक्ष पंकज चौहान ने दावा किया कि धर्मशाला के कुछ आपरेटरों को छोड़कर पूरे प्रदेश में निजी बसों ने सेवाएं नहीं दी। यह लड़ाई सरकार से है। लोगों को परेशान करना उद्देश्य नहीं है। अब सितंबर महीने में होने वाली बैठक में आगामी रणनीति बनाएंगे।

बाली बोले, नहीं बढ़ाएंगे किराया

शिमला। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने सोमवार को निजी बसों की हड़ताल से लोगों को दिक्कतों से बचाने के लिए एचआरटीसी स्टाफ का धन्यवाद किया।

विधानसभा में उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के ड्राइवर-कंडक्टर और अफसरों ने पूरे दिन सेवाएं दीं और लोगों को कम तकलीफ हुई। उन्होंने कहा कि सरकार बस किराया बढ़ाकर आम जनता पर बोझ नहीं डालेगी। कोई जबरदस्ती ये फैसला नहीं करवा सकता।


यहां नहीं चलीं प्राइवेट बसें
शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, हमीरपुर, ऊना, लाहौल, किन्नौर, बिलासपुर

लोगों को असुविधा न हो, इसलिए सभी बसें सड़कों पर चलाई गईं। मरम्मत के लिए भी कोई वाहन नहीं भेजा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी जिम्मेवारी से लोगों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया। राज्य में प्राइवेट आपरेटरों के पास करीब 3200 बसें हैं। इनमें से अधिकांश सोमवार को नहीं चलीं।
-रितेश चौहान, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी

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