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Himachal News: डाकिया घर आएगा, आप जिंदा हैं, इसका प्रमाण पत्र बनाएगा; लगेगा 70 रुपये शुल्क
Tue, 05 Nov 2024 12:46 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 05 Nov 2024 12:46 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों का घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बन जाएगा। डाकिया घर पर ही पेंशनरों के चेहरे और उंगुलियों को स्कैन कर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Meta
विस्तार
अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनभोगियों को किसी भी प्रकार के कागज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। अब पेंशनर घर पर आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। डाकिया घर पर ही पेंशनरों के चेहरे और उंगुलियों को स्कैन कर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाएगा। पेंशनर को महज आधार संख्या और पेंशन का विवरण देना होगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) ने पेंशनभोगी कल्याण विभाग के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत एक से 30 नवंबर तक 800 शहरों और कस्बों में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
डिजिटल प्रमाण पत्र के लिए लगेगा 70 रुपये शुल्क
पेंशनभोगी नजदीकी डाकघर या नजदीकी डाकघर के डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करेंगे। डाक सेवक पेंशनभोगी के पते पर जाकर घर में ही उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाएंगे। डाकिया डीएलसी जनरेशन के लिए जीएसटी सहित 70 रुपये का शुल्क लेगा। डीएलसी के लिए पेंशनभोगी को केवल आधार संख्या और पेंशन का विवरण देना होगा। प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी होने पर पेंशनभोगी को उसके मोबाइल नंबर पर सत्यापन एसएमएस प्राप्त होगा और प्रमाणपत्र को एक दिन बाद संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन देखा जा सकता है।
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डिजिटल प्रमाण पत्र के लिए लगेगा 70 रुपये शुल्क
पेंशनभोगी नजदीकी डाकघर या नजदीकी डाकघर के डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करेंगे। डाक सेवक पेंशनभोगी के पते पर जाकर घर में ही उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाएंगे। डाकिया डीएलसी जनरेशन के लिए जीएसटी सहित 70 रुपये का शुल्क लेगा। डीएलसी के लिए पेंशनभोगी को केवल आधार संख्या और पेंशन का विवरण देना होगा। प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी होने पर पेंशनभोगी को उसके मोबाइल नंबर पर सत्यापन एसएमएस प्राप्त होगा और प्रमाणपत्र को एक दिन बाद संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन देखा जा सकता है।
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दफ्तर के चक्कर काटने की नहीं पड़ेगी जरूरत
आईपीपीबी ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के समन्वय से सभी केंद्रीय, राज्य और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण बनवाने के लिए 2020 में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) की डोरस्टेप सेवा शुरू की थी। आधार सक्षम बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित यह सेवा वृद्ध पेंशनभोगियों के लिए बहुत उपयोगी है। उन्हें पेंशन वितरण एजेंसी के कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
'समझौते से फायदा'
डाक मंडल हमीरपुर के उप अधीक्षक संजय कुमार ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने पेंशनभोगी कल्याण विभाग से समझौता किया है। इस समझौते के अंतर्गत डाकिया पेंशनभोगी को डोरस्टेप सेवा प्रदान कर उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाएंगे।
आईपीपीबी ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के समन्वय से सभी केंद्रीय, राज्य और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण बनवाने के लिए 2020 में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) की डोरस्टेप सेवा शुरू की थी। आधार सक्षम बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित यह सेवा वृद्ध पेंशनभोगियों के लिए बहुत उपयोगी है। उन्हें पेंशन वितरण एजेंसी के कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
'समझौते से फायदा'
डाक मंडल हमीरपुर के उप अधीक्षक संजय कुमार ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने पेंशनभोगी कल्याण विभाग से समझौता किया है। इस समझौते के अंतर्गत डाकिया पेंशनभोगी को डोरस्टेप सेवा प्रदान कर उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाएंगे।