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पेट्रोल-डीजल महंगा: हिमाचल में पर्यटन से लेकर सेब अर्थव्यवस्था तक पड़ेगा असर

Sat, 16 May 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 16 May 2026 05:00 AM IST
सार

पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल की अधिकांश आर्थिक गतिविधियां सड़क परिवहन पर निर्भर हैं, ऐसे में ईंधन महंगा होने से हर क्षेत्र में लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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Petrol Diesel Prices: Impact to be Felt Across Himachal From Tourism to the Apple Economy
पेट्रोल और डीजल महंगा। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर केवल आम उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, बागवानी क्षेत्र और सरकारी विकास परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल की अधिकांश आर्थिक गतिविधियां सड़क परिवहन पर निर्भर हैं, ऐसे में ईंधन महंगा होने से हर क्षेत्र में लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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पर्यटन पैकेज महंगे होंगे

प्रदेश में आने वाले अधिकांश पर्यटक निजी वाहनों, टैक्सियों और वोल्वो बसों के माध्यम से यात्रा करते हैं। डीजल की कीमत बढ़ने से टैक्सी यूनियनें और निजी बस ऑपरेटर किराए में वृद्धि कर सकते हैं। इससे पर्यटन पैकेज महंगे होंगे और बजट आधारित पर्यटन प्रभावित हो सकता है। फेडरेशन ऑफ होटल और रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन गजेंद्र चंद ठाकुर का कहना है कि लॉजिस्टिक्स और बिजली बैकअप के लिए जनरेटर संचालन का खर्च बढ़ने से कमरे और खान-पान की दरों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।

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बागवानी अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका

ईंधन महंगा होने से प्रदेश की बागवानी अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। हिमाचल में सेब, स्टोन फ्रूट और अन्य फलों की ढुलाई पूरी तरह सड़क नेटवर्क पर आधारित है। सीजन के दौरान बागवानों को मंडियों तक उत्पाद पहुंचाने के लिए अधिक परिवहन खर्च वहन करना पड़ सकता है, जिससे लाभांश कम होगा। कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर संचालन की लागत बढ़ने से खेती-किसानी का खर्च भी बढ़ेगा। संयुक्त किसान मंच हिमाचल प्रदेश के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर किसान-बागवानों की आमदनी पर होगा।

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फसलों और सब्जियों की उत्पादन लागत बढ़ेगी

सेब सहित अन्य फसलों और सब्जियों की उत्पादन लागत बढ़ेगी और आमदनी घटेगी। ईंधन मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा असर माल ढुलाई पर पड़ने की संभावना है। हिमाचल के दूरदराज क्षेत्रों तक खाद्य सामग्री, दूध, सब्जियां और दैनिक उपयोग का सामान ट्रकों और छोटे वाहनों से पहुंचता है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टरों का परिचालन खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर बाजार कीमतों पर दिखाई दे सकता है। सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई महंगी होने से निजी निर्माण कार्यों के साथ-साथ सरकारी परियोजनाओं की लागत भी बढ़ सकती है।

सरकार पर्यटन सीजन में तेल, गैस की सप्लाई करे सुनिश्चित: राजेंद्र ठाकुर

पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाए जाने के फैसले के बाद ऑल हिमाचल कमर्शियल व्हीकलस ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि तेल के दाम भले ही बढ़ाए गए है, लेकिन सरकार पर्यटन सीजन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की नियमित आपूर्ति और उपलब्धता को सुनिश्चित करे जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कदम उठाए। हम सभी की रोजी-रोटी इसी से जुड़ी हुई है। बीते दिनों रसोई गैस की किल्लत से होटलों की बुकिंग तक रद्द हो गई थी। इसलिए ईधन भले महंगा हो, मगर उपलब्ध होना चाहिए।

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