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बस किराए के बाद अब हिमाचलियों पर रसोई गैस की मार
अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 02 Oct 2013 01:50 AM IST
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हिमाचल में बस किराये में बढ़ोतरी के बाद अब रसोई गैस भी महंगी हो गई है। गैस कंपनियों ने गैर सब्सिडी और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को गहरा झटका दिया है।
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अक्तूबर में गैर सब्सिडी गैस सिलेंडर 70 रुपये जबकि व्यावसायिक गैस सिलेंडर 107.50 रुपये महंगा मिलेगा।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को अक्तूबर में गैस सिलेंडर लेने के लिए 1059 रुपये चुकाने होंगे। केंद्र सरकार डीबीटी योजना के तहत उपभोक्ताओं के खाते में 610 रुपये लौटाएगी।
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जिन उपभोक्ताओं ने सब्सिडी कोटे के नौ सिलेंडर इस्तेमाल कर लिए हैं, उन्हें दसवें सिलेंडर के लिए 1059 रुपये चुकाने होंगे। व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने के लिए भी उपभोक्ताओं को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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सितंबर के मुकाबले व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम 107.50 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। अक्तूबर में व्यावसायिक गैस सिलेंडर 1817.50 रुपये में मिलेगा।
गैस सिलेंडरों के एलपीजी दाम को विश्व बाजार से लिंक करने के चलते ऐसा हुआ है। इससे जब भी विश्व बाजार में नेचुरल गैस के दाम ऊपर-नीचे होंगे, गैस सिलेंडरों की कीमत भी बदलेगी।
इस माह गैर सब्सिडी गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को 1059 रुपये देने होंगे जबकि सितंबर में 989 और अगस्त में इस श्रेणी के गैस सिलेंडरों का दाम 928 रुपये था। व्यावसायिक गैस सिलेंडर अक्तूबर में 1817.50 रुपये में मिलेगा जबकि सितंबर में 1710 रुपये, अगस्त में दाम 1610 रुपये थे।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के प्रबंधक रजत घरसंगी ने बताया कि नए दाम शिमला में लागू कर दिए हैं।
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दो हजार से अधिक व्यावसायिक कनेक्शन
राजधानी में दो हजार से अधिक व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं। गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ने-घटने से इन कारोबारियों पर सीधा असर पड़ता है।
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा सहित खाद्य पदार्थों की दुकानें चलाने वाले कारोबारी इस श्रेणी में आते हैं।