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करसोग क्षेत्र से भरे पेयजल के दो सैंपल फेल
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:42 PM IST
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करसोग क्षेत्र से भरे पेयजल के दो सैंपल जांच में फेल पाए गए। इसका खुलासा पब्लिक हेल्थ लैब की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग आगामी कार्रवाई में जुट गया है। संबंधित विभाग को पत्राचार भी किया जा रहा है। सैंपल फेल होने से क्षेत्र के उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
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जांच में आईपीएच विभाग की सप्लाई का पानी व प्राकृतिक पेयजल स्रोत का पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा है। दोनों सैंपल जांच में पीने योग्य नहीं पाए गए हैं। आईपीएच विभाग की सप्लाई का पानी प्राकृतिक जल स्रोत के पानी के मुकाबले अधिक गंदा पाया गया है। शिमला में फैले पीलिया के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग मंडी जिला के सभी स्वास्थ्य खंडों में पेयजल सैंपलिंग कर रहा है।
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इसी कड़ी में करसोग के न्यारा गांव में आईपीएच सप्लाई व प्राकृतिक पेयजल स्रोत से पानी का सैंपल भरा गया था। इसे जांच के लिए पब्लिक हेल्थ लैब में भेजा गया था जहां दोनों सैंपल फेल पाए गए है। आईपीएच विभाग की सप्लाई का पानी फेल होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। जलजनित रोगों को नियंत्रित करने और लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग पेयजल सैंपल भर रहा है।
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उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देशराज शर्मा ने बताया कि करसोग क्षेत्र से भरे गए दो पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इस संबंध में आईपीएच विभाग व अन्य संबंधित विभाग को पत्राचार किया जा रहा है।
करसोग के न्यारा से आईपीएच सप्लाई के नल से भरा गया सैंपल जांच में 25 एमपीएन निकला है। जबकि प्राकृतिक जल स्रोत से भरे पेयजल सैंपल जांच में 7 एमपीएन पाया गया है। इससे स्पष्ट है कि आईपीएच सप्लाई का पानी प्राकृतिक जल स्रोत के पानी से अधिक गंदा है।