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Mandi News: दूध का भुगतान 10 तारीख तक जारी करने का आग्रह
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दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति सदस्यों ने एसडीएम के माध्यम मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। कोटली क्षेत्र की विभिन्न दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सदस्यों ने शिव बनेर, उप प्रधान ग्राम पंचायत भरगांव की अध्यक्षता में वीरवार को एसडीएम कोटली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि दूध की भुगतान राशि हर माह की 10 तारीख तक जारी की जाए, ताकि किसानों व पशुपालकों को आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े।
दुग्ध उत्पादकों ने हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन की ओर से प्रति परिवार 20 लीटर दूध लेने की सीमा समाप्त करने तथा हर माह 4 से 6 दिन दूध संग्रहण बंद रखने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की। लाभ सिंह, परमदेव चौहान, पुष्पा देवी सहित अन्य उत्पादकों ने कहा कि दूध नाशवान उत्पाद है और संग्रहण बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के नए नियमों से पशुपालक असमंजस में हैं और पशुपालन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से समस्याओं के समाधान की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी कि शीघ्र सकारात्मक निर्णय न होने पर मिल्क फेडरेशन को दूध आपूर्ति बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। कोटली क्षेत्र की विभिन्न दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सदस्यों ने शिव बनेर, उप प्रधान ग्राम पंचायत भरगांव की अध्यक्षता में वीरवार को एसडीएम कोटली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि दूध की भुगतान राशि हर माह की 10 तारीख तक जारी की जाए, ताकि किसानों व पशुपालकों को आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े।
दुग्ध उत्पादकों ने हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन की ओर से प्रति परिवार 20 लीटर दूध लेने की सीमा समाप्त करने तथा हर माह 4 से 6 दिन दूध संग्रहण बंद रखने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की। लाभ सिंह, परमदेव चौहान, पुष्पा देवी सहित अन्य उत्पादकों ने कहा कि दूध नाशवान उत्पाद है और संग्रहण बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के नए नियमों से पशुपालक असमंजस में हैं और पशुपालन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से समस्याओं के समाधान की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी कि शीघ्र सकारात्मक निर्णय न होने पर मिल्क फेडरेशन को दूध आपूर्ति बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।
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