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बड़ादेव विष्णु मतलोडा के नए रथ की प्रतिष्ठा
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सराजघाटी के बड़ादेव विष्णु मतलोडा के नए रथ की प्रतिष्ठा के दौरान श्रद्धालु।
- फोटो : Mandi
बड़ादेव विष्णु मतलोडा
के नए रथ की प्रतिष्ठा
देव ध्वनि से गूंज उठी बागाचनोगी, 7 हारियानों के लोगों ने भरी हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। सराजघाटी के बड़ादेव विष्णु मतलोडा के नए रथ की प्रतिष्ठा शुक्रवार को बागाचनोगी पंचायत स्थित चौहट कोठी में श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई। देवता के रजत मंडप का निर्माण 7 किलोग्राम चांदी से किया गया है। इसके साथ स्वर्ण मंडेली और टोपी का भी पुनर्निर्माण किया गया है। शुक्रवार को चौहट कोठी में देवता के रथ की प्राण प्रतिष्ठा की गई। देवता के मेहता ने देवरथ को कोठी से बाहर निकाला। देवता के रथ के कोठी से बाहर आते ही ढोल, नगाड़ों से माहौल भक्तिमय हो गया। इसमें देवता की सात हारों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। देवता के पुजारी पुष्पराज ने बताया कि देवता के रजत मंडप, टोपी और मंडेली के निर्माण के बाद देवता अपने स्वरूप में रथ में विराजमान हो गए हैं। देव मतलोडा आगामी 27 फरवरी को मंझी हार वालों के साथ महाशिवरात्रि मेले के लिए प्रस्थान करेंगे। देवता धनौट कोठी से करीब पांच सौ देवलुओं के साथ छोटी काशी रवाना होंगे। संवाद
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के नए रथ की प्रतिष्ठा
देव ध्वनि से गूंज उठी बागाचनोगी, 7 हारियानों के लोगों ने भरी हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। सराजघाटी के बड़ादेव विष्णु मतलोडा के नए रथ की प्रतिष्ठा शुक्रवार को बागाचनोगी पंचायत स्थित चौहट कोठी में श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई। देवता के रजत मंडप का निर्माण 7 किलोग्राम चांदी से किया गया है। इसके साथ स्वर्ण मंडेली और टोपी का भी पुनर्निर्माण किया गया है। शुक्रवार को चौहट कोठी में देवता के रथ की प्राण प्रतिष्ठा की गई। देवता के मेहता ने देवरथ को कोठी से बाहर निकाला। देवता के रथ के कोठी से बाहर आते ही ढोल, नगाड़ों से माहौल भक्तिमय हो गया। इसमें देवता की सात हारों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। देवता के पुजारी पुष्पराज ने बताया कि देवता के रजत मंडप, टोपी और मंडेली के निर्माण के बाद देवता अपने स्वरूप में रथ में विराजमान हो गए हैं। देव मतलोडा आगामी 27 फरवरी को मंझी हार वालों के साथ महाशिवरात्रि मेले के लिए प्रस्थान करेंगे। देवता धनौट कोठी से करीब पांच सौ देवलुओं के साथ छोटी काशी रवाना होंगे। संवाद