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Mandi News: रत्ती खड्ड में मछलियों की मौत पर जिला उद्योग केंद्र को कारण बताओ नोटिस
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प्रदूषण बोर्ड हुआ सख्त, तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। रत्ती खड्ड में मछलियों की सामूहिक मौत और जल प्रदूषण के मामले में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), मंडी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने इसे जल एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, मंडी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार 12 जून को प्राप्त शिकायत के बाद रत्ती क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस जांच में मत्स्य विभाग, उद्योग विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दो से तीन दिन पहले बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई थी और मृत मछलियां रत्ती पुल के समीप पानी में बहती हुई देखी गई थीं। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज को सेप्टिक टैंक तक पहुंचाने के लिए बनाए गए चैंबर को ओवरफ्लो होता पाया गया। साथ ही चैंबर और सेप्टिक टैंक के बीच का कनेक्शन क्षतिग्रस्त मिला, जिससे बिना उपचारित सीवरेज सीधे रत्ती खड्ड में प्रवाहित हो रहा था। अधिकारियों ने खड्ड के ऊपरी और निचले हिस्सों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि बिना उपचारित सीवरेज का जल स्रोत में प्रवाह जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
बॉक्स
जिला उद्योग केंद्र को तत्काल सीवरेज के बहाव को रोकने, अपशिष्ट जल के उपचार और निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सीवरेज प्रणाली को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तीन दिनों के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। -विनय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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मंडी। रत्ती खड्ड में मछलियों की सामूहिक मौत और जल प्रदूषण के मामले में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), मंडी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने इसे जल एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, मंडी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार 12 जून को प्राप्त शिकायत के बाद रत्ती क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस जांच में मत्स्य विभाग, उद्योग विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दो से तीन दिन पहले बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई थी और मृत मछलियां रत्ती पुल के समीप पानी में बहती हुई देखी गई थीं। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज को सेप्टिक टैंक तक पहुंचाने के लिए बनाए गए चैंबर को ओवरफ्लो होता पाया गया। साथ ही चैंबर और सेप्टिक टैंक के बीच का कनेक्शन क्षतिग्रस्त मिला, जिससे बिना उपचारित सीवरेज सीधे रत्ती खड्ड में प्रवाहित हो रहा था। अधिकारियों ने खड्ड के ऊपरी और निचले हिस्सों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि बिना उपचारित सीवरेज का जल स्रोत में प्रवाह जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
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जिला उद्योग केंद्र को तत्काल सीवरेज के बहाव को रोकने, अपशिष्ट जल के उपचार और निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सीवरेज प्रणाली को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तीन दिनों के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। -विनय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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