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Mandi News: आपातकालीन वार्ड में मरीजों के लिए कम पड़ने लगे संसाधन
Mon, 13 Oct 2025 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:12 PM IST
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जोगिंद्रनगर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में उपचार के लिए दाखिल संक्रामक बिमारियों से ग्रस्त मरीज
जोगिंद्रनगर (मंडी)। अक्तूबर माह में मौसम में बदलाव के चलते उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में वायरल और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इससे आपातकालीन वार्ड में स्वास्थ्य संसाधनों की कमी महसूस हो रही है। जीवनरक्षक दवाइयां, इंजेक्शन, लगातार स्वास्थ्य निगरानी के लिए मॉनिटर समेत अन्य का अभाव चल रहा है।
उपमंडल में 20 से 25 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर से प्रभावित होकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को लडभड़ोल, जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की संख्या 500 से अधिक हो गई। चिकित्सकों ने सर्दी, खांसी और तेज बुखार वाले मरीजों में एक विशेष वायरस के सक्रिय होने पर हैरानी जताई।
अब अस्पतालों के सीमित संसाधनों से मरीजों को उपचार दिलाना भी चिकित्सकों के लिए गले का फांस बन चुका है। मरीज उषा ने बताया कि सुबह, दोपहर और रात के तापमान में भिन्नता उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। जोगिंद्रनगर अस्पताल की डॉ. प्रियंका ने कहा कि मौसम में आए बदलाव के कारण संक्रामक और एलर्जी से ग्रस्त मरीजों की ओपीडी में वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मामलों की पुष्टि के बाद वायरल फीवर की रोकथाम और सतर्कता बढ़ा दी है।
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मौसम में आए बदलाव से लोग बीमार पड़ रहे हैं। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। बिना चिकित्सक परामर्श दवा का सेवन न करें। नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। -डॉ. दीपाली शर्मा, सीएमओ, मंडी
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उपमंडल में 20 से 25 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर से प्रभावित होकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को लडभड़ोल, जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की संख्या 500 से अधिक हो गई। चिकित्सकों ने सर्दी, खांसी और तेज बुखार वाले मरीजों में एक विशेष वायरस के सक्रिय होने पर हैरानी जताई।
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अब अस्पतालों के सीमित संसाधनों से मरीजों को उपचार दिलाना भी चिकित्सकों के लिए गले का फांस बन चुका है। मरीज उषा ने बताया कि सुबह, दोपहर और रात के तापमान में भिन्नता उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। जोगिंद्रनगर अस्पताल की डॉ. प्रियंका ने कहा कि मौसम में आए बदलाव के कारण संक्रामक और एलर्जी से ग्रस्त मरीजों की ओपीडी में वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मामलों की पुष्टि के बाद वायरल फीवर की रोकथाम और सतर्कता बढ़ा दी है।
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मौसम में आए बदलाव से लोग बीमार पड़ रहे हैं। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। बिना चिकित्सक परामर्श दवा का सेवन न करें। नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। -डॉ. दीपाली शर्मा, सीएमओ, मंडी