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Mandi News: टमाटर की फसल को कीटों से बचाने के लिए किया जागरूक
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सुंदरनगर (मंडी)। जिले की बल्ह घाटी में टमाटर की फसल को कीटों से बचाने और रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र मंडी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के करीब 100 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कीट टूटा एबसोल्यूटा के नियंत्रण की जानकारी दी गई।
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जनार्दन सिंह ने किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इनके अधिक इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसानों को प्राकृतिक घोलों का प्रयोग बढ़ाकर सुरक्षित और टिकाऊ खेती अपनानी चाहिए।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. पंकज सूद ने बताया कि टूटा एबसोल्यूटा की सुंडियां टमाटर की पत्तियों, तनों और फलों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कीट नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाने, खेतों में साफ-सफाई रखने और जैविक नियंत्रण जैसी समेकित कीट प्रबंधन विधियां अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को इनपुट किट भी वितरित की गईं।
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कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जनार्दन सिंह ने किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इनके अधिक इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसानों को प्राकृतिक घोलों का प्रयोग बढ़ाकर सुरक्षित और टिकाऊ खेती अपनानी चाहिए।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. पंकज सूद ने बताया कि टूटा एबसोल्यूटा की सुंडियां टमाटर की पत्तियों, तनों और फलों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कीट नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाने, खेतों में साफ-सफाई रखने और जैविक नियंत्रण जैसी समेकित कीट प्रबंधन विधियां अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को इनपुट किट भी वितरित की गईं।
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