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Mandi News: भूमि अधिग्रहण मामले में एनएचएआई की याचिका खारिज
Fri, 12 Sep 2025 06:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 12 Sep 2025 06:53 AM IST
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मंडी। जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत ने भूमि अधिग्रहण मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में भूमि अधिग्रहण मुआवजे से जुड़े मध्यस्थ के निर्णय चुनौती दी गई थी।
कुल्लू जिले के नंगाबाग गांव में फोरलेन निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। भूमि स्वामी ने मुआवजा में वृद्धि की मांग को लेकर मध्यस्थ के समक्ष याचिका दायर की थी। 17 नवंबर 2023 को मंडी के डिविजनल कमिश्नर एवं मध्यस्थ ने भूमि मालिक को ब्याज सहित कुछ वैधानिक लाभ देने का आदेश दिए। एनएचएआई ने इस आदेश को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि मध्यस्थ ने गलत तरीके से 9 प्रतिशत पहले वर्ष और उसके बाद 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण का तर्क था कि यह दोगुना लाभ होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के विपरीत है लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मध्यस्थ द्वारा पारित अवार्ड वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप और न्यायसंगत है। न्यायालय ने एनएचएआई की याचिका खारिज कर भूमि मालिक के पक्ष में मध्यस्थ का फैसला बरकरार रखा।
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कुल्लू जिले के नंगाबाग गांव में फोरलेन निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था। भूमि स्वामी ने मुआवजा में वृद्धि की मांग को लेकर मध्यस्थ के समक्ष याचिका दायर की थी। 17 नवंबर 2023 को मंडी के डिविजनल कमिश्नर एवं मध्यस्थ ने भूमि मालिक को ब्याज सहित कुछ वैधानिक लाभ देने का आदेश दिए। एनएचएआई ने इस आदेश को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि मध्यस्थ ने गलत तरीके से 9 प्रतिशत पहले वर्ष और उसके बाद 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण का तर्क था कि यह दोगुना लाभ होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के विपरीत है लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मध्यस्थ द्वारा पारित अवार्ड वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप और न्यायसंगत है। न्यायालय ने एनएचएआई की याचिका खारिज कर भूमि मालिक के पक्ष में मध्यस्थ का फैसला बरकरार रखा।
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