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मंडी उपचुनाव : वीरभद्र का नाम और काम भुनाने की तैयारी में कांग्रेस
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Mandi by-election: Congress in preparation to redeem Virbhadra's name and work
मंडी। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस स्व. वीरभद्र सिंह के नाम और काम को भुनाने की पूरी तैयारी में है। दो बार सांसद रह चुकी प्रतिभा सिंह इस बार प्रतिभा वीरभद्र सिंह के नाम से मंडी संसदीय क्षेत्र के चुनावी मैदान में उतरी हैं।
मंडी वीरभद्र सिंह की कर्मभूमि रही है। 1971 में उन्होंने मंडी संसदीय क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा था और केंद्र में मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसी सीट से प्रतिभा सिंह का यह पांचवां चुनाव होगा। अब तक चार चुनावों में वह दो बार जीती हैं तो दो बार हारी हैं। पहली जीत उन्हें 2004 के आम चुनाव और दूसरी 2013 के उपचुनाव में ही मिली थी। वर्ष 2013 उपचुनाव में वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रतिभा सिंह से हार गए थे। इस अनुभव का वह अकसर अपने भाषणों में जिक्र भी करते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए मंडी संसदीय सीट बड़ी चुनौती होगी।
कांग्रेस ने प्रतिभा सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नाम पर सहानुभूति कार्ड चला है। प्रदेश में वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर कांग्रेस चुनावी रण में पूरी तरह से कूदेगी।
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फेसबुक पर श्रद्धांजलि स्वरूप मांगे वोट
मंडी संसदीय उपचुनाव में प्रतिभा सिंह के नाम पर मुहर लगने के बाद फेसबुक पर हलचल तेज हो गई है। उनके बेटे शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पेज पर पोस्ट शेयर कर वीरभद्र सिंह द्वारा संसदीय क्षेत्र में किए कार्यों को विनम्र श्रद्धांजलि देने की अपील की। श्रद्धांजलि स्वरूप वोट देने का आग्रह किया है। कांग्रेस वीरभद्र सिंह की सहानुभूति में प्रतिभा सिंह की जीत देख रही है।
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मंडी वीरभद्र सिंह की कर्मभूमि रही है। 1971 में उन्होंने मंडी संसदीय क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा था और केंद्र में मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसी सीट से प्रतिभा सिंह का यह पांचवां चुनाव होगा। अब तक चार चुनावों में वह दो बार जीती हैं तो दो बार हारी हैं। पहली जीत उन्हें 2004 के आम चुनाव और दूसरी 2013 के उपचुनाव में ही मिली थी। वर्ष 2013 उपचुनाव में वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रतिभा सिंह से हार गए थे। इस अनुभव का वह अकसर अपने भाषणों में जिक्र भी करते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए मंडी संसदीय सीट बड़ी चुनौती होगी।
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कांग्रेस ने प्रतिभा सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नाम पर सहानुभूति कार्ड चला है। प्रदेश में वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर कांग्रेस चुनावी रण में पूरी तरह से कूदेगी।
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फेसबुक पर श्रद्धांजलि स्वरूप मांगे वोट
मंडी संसदीय उपचुनाव में प्रतिभा सिंह के नाम पर मुहर लगने के बाद फेसबुक पर हलचल तेज हो गई है। उनके बेटे शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पेज पर पोस्ट शेयर कर वीरभद्र सिंह द्वारा संसदीय क्षेत्र में किए कार्यों को विनम्र श्रद्धांजलि देने की अपील की। श्रद्धांजलि स्वरूप वोट देने का आग्रह किया है। कांग्रेस वीरभद्र सिंह की सहानुभूति में प्रतिभा सिंह की जीत देख रही है।