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Mandi News: गोहर में नहीं थमा पीलिया, पंचायतों की लापरवाही से भी बिगड़ी स्थिति

Sun, 15 Mar 2026 12:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:05 AM IST
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Jaundice continues to spread in Gohar, and the situation worsens due to the negligence of the Panchayats.
बार एसोसिएशन ने छह पंचायतों को भी बनाया प्रतिवादी
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ग्रामीणों में भी फूटा गुस्सा, जवाबदेही मांगी
सतीश ठाकुर
गोहर (मंडी)। गोहर उपमंडल में पीलिया के मामलों के बढ़ने के बाद बार एसोसिएशन ने क्षेत्र की छह मुख्य पंचायतों नौण, चच्योट, चैलचौक, गणई, बासा और गोहर को अपने दावे में प्रतिवादी बनाया है। स्थानीय पंचायतों के खिलाफ दीवानी दावे के बाद ग्रामीण भी खुलकर अपने अनुभव साझा करने लगे हैं।
ग्रामीण बार एसोसिएशन के समर्थन में कह रहे हैं कि समस्या की जड़ में पंचायतों की भी उतनी ही जिम्मेदारी है जितनी अन्य विभागों की। नौण गांव के चिंत राम ने बताया कि पहले निर्मल भारत अभियान आया, फिर स्वच्छ भारत मिशन फेज-1 और अब फेज-2 चल रहा है। लाखों रुपये का बजट पंचायतों ने खर्च किया, लेकिन सफाई और कचरे के निस्तारण में कोई सुधार नहीं हुआ। घरों से निकलने वाला सूखा-गीला कचरा हर जगह डंप हो रहा है और पंचायत का कोई नियंत्रण नहीं है।
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चैलचौक निवासी कमला देवी कहती हैं कि सेमी-अर्बन इलाकों में कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। नालों में गंदगी फेंकी जाती है और सेप्टिक टैंक सीधे नालों से जुड़े हैं, जिससे बारिश में जल स्रोत दूषित हो जाता है।
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बासा के देवेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और बाजारों के आसपास कचरा बिखरा रहता है। लोग खुले में कचरा जलाते हैं, जिससे धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण के लिए खतरनाक है और आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं।

गणई निवासी संजीव कुमार** का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया है। पंचायतों को ठोस कदम उठाने चाहिए। घरेलू कचरा संग्रहण, सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई और मल-कीचड़ प्रबंधन सही तरीके से करना चाहिए ताकि पानी दूषित न हो और पीलिया जैसी बीमारी न फैले। अधिवक्ता अभिनव शर्मा के अनुसार बार एसोसिएशन के वकीलों ने याचिका में पंचायतों को कचरा प्रबंधन के लिए जवाबदेह बनाने की मांग की है। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 23 मार्च को तय की है। विकास खंड अधिकारी गोहर श्रवण कुमार ने बताया कि मंगलवार को बैठक बुलाई गई है। बैठक में संबंधित पंचायत सचिवों से चर्चा कर जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही समस्या के निदान और सीवेज छोड़ने में लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई के विषय में भी विचार किया जाएगा।
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