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Mandi News: मिल्क प्लांट के बाहर किसानों का अनोखे अंदाज में प्रदर्शन
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दूध की खरीद और भुगतान में देरी से नाराज किसानों ने बांटा मुफ्त दूध-दही
तंबू गाड़कर किसान बोले-नियमित खरीद शुरू होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। दूध की नियमित खरीद न होने और भुगतान में देरी से नाराज किसानों ने शुक्रवार को मिल्क प्लांट के बाहर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने प्लांट के बाहर तंबू लगाकर लोगों को मुफ्त दूध और दही वितरित किया तथा सरकार और संबंधित विभाग के प्रति अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बैंक से लिया गया ऋण चुकाने के लिए उन्हें जमीन बेचनी पड़ेगी या फिर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।
गोहर, चैलचौक, केयोलीधार, बाड़ी गुमाणू और मझवाड़ क्षेत्र से पहुंचे किसानों ने करीब 500 लीटर दूध लोगों में वितरित किया। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक नियमित रूप से दूध की खरीद शुरू नहीं होती और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
चंडयाल के रवि सैनी ने कहा कि दूध की खरीद प्रभावित होने से पशुपालकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक किसान आंदोलन स्थल पर डटे रहेंगे। वहीं, केयोलीधार के बालक राम ने दूध की दैनिक खरीद बंद किए जाने को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
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बाड़ी गुमाणू के प्रवीण ने बताया कि खरीद न होने के कारण घरों में दूध खराब हो रहा है। ऐसे में उसे फेंकने के बजाय जरूरतमंद लोगों को मुफ्त वितरित किया जा रहा है। गोहर के चंद्र शर्मा ने कहा कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और दूध की बिक्री प्रभावित होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
गगन कुमार, दीपक ठाकुर, गिरीश सहित अन्य किसानों ने बताया कि स्थानीय लोग भी उनके आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं और उनके लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वे बारी-बारी से प्रतिदिन मिल्क प्लांट के बाहर दूध का वितरण कर अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
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तंबू गाड़कर किसान बोले-नियमित खरीद शुरू होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। दूध की नियमित खरीद न होने और भुगतान में देरी से नाराज किसानों ने शुक्रवार को मिल्क प्लांट के बाहर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने प्लांट के बाहर तंबू लगाकर लोगों को मुफ्त दूध और दही वितरित किया तथा सरकार और संबंधित विभाग के प्रति अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बैंक से लिया गया ऋण चुकाने के लिए उन्हें जमीन बेचनी पड़ेगी या फिर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।
गोहर, चैलचौक, केयोलीधार, बाड़ी गुमाणू और मझवाड़ क्षेत्र से पहुंचे किसानों ने करीब 500 लीटर दूध लोगों में वितरित किया। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक नियमित रूप से दूध की खरीद शुरू नहीं होती और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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चंडयाल के रवि सैनी ने कहा कि दूध की खरीद प्रभावित होने से पशुपालकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक किसान आंदोलन स्थल पर डटे रहेंगे। वहीं, केयोलीधार के बालक राम ने दूध की दैनिक खरीद बंद किए जाने को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
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बाड़ी गुमाणू के प्रवीण ने बताया कि खरीद न होने के कारण घरों में दूध खराब हो रहा है। ऐसे में उसे फेंकने के बजाय जरूरतमंद लोगों को मुफ्त वितरित किया जा रहा है। गोहर के चंद्र शर्मा ने कहा कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और दूध की बिक्री प्रभावित होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
गगन कुमार, दीपक ठाकुर, गिरीश सहित अन्य किसानों ने बताया कि स्थानीय लोग भी उनके आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं और उनके लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वे बारी-बारी से प्रतिदिन मिल्क प्लांट के बाहर दूध का वितरण कर अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।