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Mandi News: सीबीएसई संबद्धता के बाद जंजैहली सरकारी स्कूल में बढ़ा दाखिला
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निजी स्कूलों से 124, सरकारी से 107 छात्रों ने लिया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र के राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जंजैहली में सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद दाखिलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। स्कूल में कुल 594 छात्र-छात्राओं के नामांकन के साथ-साथ नए दाखिलों (फ्रेश एडमिशन) में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार इस सत्र में अब तक कुल 594 नए दाखिले हुए हैं। इनमें 263 स्थानीय छात्र हैं, जबकि 231 छात्र अन्य स्कूलों से आए हैं। इनमें 124 छात्र निजी स्कूलों से और 107 छात्र अन्य सरकारी स्कूलों से स्थानांतरित होकर आए हैं। यह बदलाव निजी स्कूलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। कक्षा-वार आंकड़ों के अनुसार चौथी कक्षा में निजी स्कूलों से 12 और अन्य सरकारी स्कूलों से 11 छात्र आए हैं। सातवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 12 और अन्य सरकारी स्कूलों से 16 छात्र, आठवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 20 और अन्य सरकारी स्कूलों से 18 छात्र, जबकि नौवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 13 और अन्य सरकारी स्कूलों से 19 छात्र जंजैहली स्कूल में दाखिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त कक्षा 6 में 12, कक्षा 10 में 14, कक्षा 11 (आर्ट्स) में 12 और कक्षा 12 (आर्ट्स) में 14 नए छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। प्राइमरी और बालवाटिका स्तर पर भी अच्छी संख्या में दाखिले दर्ज किए गए हैं।
सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद स्कूल ने लगभग 90.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो हिमाचल प्रदेश के 151 सीबीएसई सरकारी स्कूलों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। वर्तमान में स्कूल में कुल 594 छात्र नामांकित हैं, जिनमें 307 लड़कियां और 287 लड़के शामिल हैं।
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अभिभावक अब राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, बेहतर शिक्षा गुणवत्ता और कम फीस के कारण अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर इस स्कूल में दाखिला दिला रहे हैं। अभिभावक सुरेश कुमार के अनुसार, पहले निजी स्कूलों में फीस और अन्य खर्च अधिक था, लेकिन अब सरकारी स्कूल में ही सीबीएसई पैटर्न के तहत अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो रही है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चे को यहां स्थानांतरित किया।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सीबीएसई संबद्धता ने क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई प्रदान की है। हिमाचल प्रदेश सरकार की इस पहल से दूरदराज क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है। प्रबंधन ने भविष्य में और बेहतर सुविधाएं, प्रयोगशालाएं और स्टाफ उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र के राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जंजैहली में सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद दाखिलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। स्कूल में कुल 594 छात्र-छात्राओं के नामांकन के साथ-साथ नए दाखिलों (फ्रेश एडमिशन) में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार इस सत्र में अब तक कुल 594 नए दाखिले हुए हैं। इनमें 263 स्थानीय छात्र हैं, जबकि 231 छात्र अन्य स्कूलों से आए हैं। इनमें 124 छात्र निजी स्कूलों से और 107 छात्र अन्य सरकारी स्कूलों से स्थानांतरित होकर आए हैं। यह बदलाव निजी स्कूलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। कक्षा-वार आंकड़ों के अनुसार चौथी कक्षा में निजी स्कूलों से 12 और अन्य सरकारी स्कूलों से 11 छात्र आए हैं। सातवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 12 और अन्य सरकारी स्कूलों से 16 छात्र, आठवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 20 और अन्य सरकारी स्कूलों से 18 छात्र, जबकि नौवीं कक्षा में निजी स्कूलों से 13 और अन्य सरकारी स्कूलों से 19 छात्र जंजैहली स्कूल में दाखिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त कक्षा 6 में 12, कक्षा 10 में 14, कक्षा 11 (आर्ट्स) में 12 और कक्षा 12 (आर्ट्स) में 14 नए छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। प्राइमरी और बालवाटिका स्तर पर भी अच्छी संख्या में दाखिले दर्ज किए गए हैं।
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सीबीएसई मान्यता मिलने के बाद स्कूल ने लगभग 90.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो हिमाचल प्रदेश के 151 सीबीएसई सरकारी स्कूलों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। वर्तमान में स्कूल में कुल 594 छात्र नामांकित हैं, जिनमें 307 लड़कियां और 287 लड़के शामिल हैं।
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अभिभावक अब राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, बेहतर शिक्षा गुणवत्ता और कम फीस के कारण अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर इस स्कूल में दाखिला दिला रहे हैं। अभिभावक सुरेश कुमार के अनुसार, पहले निजी स्कूलों में फीस और अन्य खर्च अधिक था, लेकिन अब सरकारी स्कूल में ही सीबीएसई पैटर्न के तहत अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो रही है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चे को यहां स्थानांतरित किया।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सीबीएसई संबद्धता ने क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई प्रदान की है। हिमाचल प्रदेश सरकार की इस पहल से दूरदराज क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है। प्रबंधन ने भविष्य में और बेहतर सुविधाएं, प्रयोगशालाएं और स्टाफ उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।