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सेल्फ फाइनेंस होगी डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन
Mandi
Updated Thu, 18 Sep 2014 05:32 AM IST
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मंडी। नगर परिषद मंडी की ओर से शहर से सटे क्षेत्रों में शुरू की गई डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना सेल्फ फाइनेंस आधार पर होगी। इसके लिए नप ने एक विशेष योजना तैयार की है जिसे मंडी शहर से सटे क्षेत्रों में पहली बार लागू किया जा रहा है। योजना के तहत डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने की एवज में नगर परिषद प्रति परिवार से प्रति माह पचास रुपये वसूलकर स्वयं ठेकेदार को भुगतान करेगी। जबकि पहले यह राशि सफाई कर्मचारी को दी जाती थी।
कंगाली के दौर से गुजर रही नगर परिषद को इस प्रणाली के माध्यम से कूड़ा कचरा से भी आय होगी। नप के कर्मचारी तय धनराशि ठेकदार को देंगे जबकि अन्य धन उनके लिए मुनाफा होगा। पूर्व में नप सफाई कर्मी ही डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्ट करते थे और इसकी एवज में रुपये भी लेते थे। जिन्हें कर्मचारी अपने पास रखता था। मगर नई योजना के तहत घर-घर से ठेकेदार कूड़ा उठाएगा। जबकि नप का कर्मचारी पैसा इकेट्ठा करेगा। कूड़ा एकत्रित करने वाले ठेकेदार का कर्मचारी घंटी, सीटी व हार्न बजा कर लोगों को कूड़ा देने के लिए बुलाएगा। इस योजना के तहत मंडी शहर में 10 हजार परिवार के अलावा दो हजार दुकानें, 25 क्लीनिक व अस्पताल, 40 होटल, 150 ढाबा व टी स्टाल, एक सब्जी मंडी, 25 शिक्षण संस्थान, 120 सरकारी कार्यालय को कवर किया जाएगा।
इनसेट
बढ़ सकते हैं कूड़ा उठाने के रेट
डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन को सेल्फ फाइनेंस बनाने के लिए शहरवासियों को अब अधिक रुपये भी चुकता करने पड़ सकते हैं। वर्तमान में 50 रुपये प्रति माह प्रति परिवार दे रहा है। यदि घाटा पड़ता है तो इसे बढ़ाया जा सकता है। गौर हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की एवज में 50 से 100 रुपये के बीच प्रति माह प्रति परिवार से धन लेने के आदेश जारी किए हैं।
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सभी औपचारिकताएं पूरी
योजना के लिए सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। आय के साधन बढ़ाने के लिए नगर परिषद हर संभव प्रयास कर रही है।
-अजय पराशर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद मंडी
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कंगाली के दौर से गुजर रही नगर परिषद को इस प्रणाली के माध्यम से कूड़ा कचरा से भी आय होगी। नप के कर्मचारी तय धनराशि ठेकदार को देंगे जबकि अन्य धन उनके लिए मुनाफा होगा। पूर्व में नप सफाई कर्मी ही डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्ट करते थे और इसकी एवज में रुपये भी लेते थे। जिन्हें कर्मचारी अपने पास रखता था। मगर नई योजना के तहत घर-घर से ठेकेदार कूड़ा उठाएगा। जबकि नप का कर्मचारी पैसा इकेट्ठा करेगा। कूड़ा एकत्रित करने वाले ठेकेदार का कर्मचारी घंटी, सीटी व हार्न बजा कर लोगों को कूड़ा देने के लिए बुलाएगा। इस योजना के तहत मंडी शहर में 10 हजार परिवार के अलावा दो हजार दुकानें, 25 क्लीनिक व अस्पताल, 40 होटल, 150 ढाबा व टी स्टाल, एक सब्जी मंडी, 25 शिक्षण संस्थान, 120 सरकारी कार्यालय को कवर किया जाएगा।
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बढ़ सकते हैं कूड़ा उठाने के रेट
डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन को सेल्फ फाइनेंस बनाने के लिए शहरवासियों को अब अधिक रुपये भी चुकता करने पड़ सकते हैं। वर्तमान में 50 रुपये प्रति माह प्रति परिवार दे रहा है। यदि घाटा पड़ता है तो इसे बढ़ाया जा सकता है। गौर हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की एवज में 50 से 100 रुपये के बीच प्रति माह प्रति परिवार से धन लेने के आदेश जारी किए हैं।
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सभी औपचारिकताएं पूरी
योजना के लिए सभी प्रकार की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। आय के साधन बढ़ाने के लिए नगर परिषद हर संभव प्रयास कर रही है।
-अजय पराशर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद मंडी