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17 मुहाल को टीसीपी के दायरे में लाने का विरोध तेज
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:03 PM IST
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17 मुहाल को टीसीपी के दायरे में लाने का विरोध
प्रभावित तहसीलदार के माध्यम से सीएम को भेजेंगे ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
नगवाईं (मंडी)। औट तहसील के थलौट से लेकर झीड़ी तक 17 मुहाल को टीसीपी के दायरे में लाने की कवायद पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। फोरलेन संघर्ष समिति ने इसे लेेेकर आंदोलन तेज कर दिया है। टीसीपी के विरोध में 21 नवंबर को प्रभावित तहसीलदार औट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। यह जानकारी फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने दी।
उनका आरोप है कि इस अधिसूचना के समय जनता को विश्वास में नहीं लिया गया, साथ ही पंचायत के जन प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों को भी गुमराह किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता के पास भूमि के बहुत ही छोटे-छोटे टुकड़े हैं। जिन पर घर आदि बने हैं, अथवा बनाए जाने हैं। आपसी सौहार्द से आने-जाने के रास्तों और अन्य प्रकार की समस्याएं नहीं हैं। बढ़ती जनसंख्या के चलते भूमि का विभाजन और उपविभाजन हुआ है। इसके अतिरिक्त फोरलेन के भू अधिग्रहण से सड़क के साथ लगते क्षेत्र में जनता के पास बड़ी सीमित भूमि बची है। ऐसे लोगों को 5 मीटर कंट्रोल विड्थ और 3 मीटर टीसीपी के अनुसार 8 मीटर फ्रंट छोड़ना पड़ेगा। अब उनके पास क्या बचेगा, यह वही बेबस लोग जानते हैं।
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प्रभावित तहसीलदार के माध्यम से सीएम को भेजेंगे ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
नगवाईं (मंडी)। औट तहसील के थलौट से लेकर झीड़ी तक 17 मुहाल को टीसीपी के दायरे में लाने की कवायद पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। फोरलेन संघर्ष समिति ने इसे लेेेकर आंदोलन तेज कर दिया है। टीसीपी के विरोध में 21 नवंबर को प्रभावित तहसीलदार औट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। यह जानकारी फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने दी।
उनका आरोप है कि इस अधिसूचना के समय जनता को विश्वास में नहीं लिया गया, साथ ही पंचायत के जन प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों को भी गुमराह किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता के पास भूमि के बहुत ही छोटे-छोटे टुकड़े हैं। जिन पर घर आदि बने हैं, अथवा बनाए जाने हैं। आपसी सौहार्द से आने-जाने के रास्तों और अन्य प्रकार की समस्याएं नहीं हैं। बढ़ती जनसंख्या के चलते भूमि का विभाजन और उपविभाजन हुआ है। इसके अतिरिक्त फोरलेन के भू अधिग्रहण से सड़क के साथ लगते क्षेत्र में जनता के पास बड़ी सीमित भूमि बची है। ऐसे लोगों को 5 मीटर कंट्रोल विड्थ और 3 मीटर टीसीपी के अनुसार 8 मीटर फ्रंट छोड़ना पड़ेगा। अब उनके पास क्या बचेगा, यह वही बेबस लोग जानते हैं।
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