{"_id":"6994abb24c60a707bc00c24f","slug":"200-registered-gods-and-goddesses-reached-the-festival-madan-mandi-news-c-90-1-mnd1001-186364-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"महोत्सव में पहुंचे पंजीकृत 200 देवी-देवता : मदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोत्सव में पहुंचे पंजीकृत 200 देवी-देवता : मदन
विज्ञापन
मंडी। देवता उप समिति के संयोजक एवं एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में पंजीकृत देवताओं को पड्डल मैदान में पौड़ियों पर पैगोड़ा शैली में शिविर लगाकर तथा विधिवत मैटिंग करवाकर विराजमान किया गया है।
महोत्सव में इस वर्ष 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, जिनमें से अब तक लगभग 200 देवी-देवता मेले में पहुंच चुके हैं। मैदान में देवताओं के बैठने के लिए स्थान आवंटन की जिम्मेदारी सर्व देवता समिति को सौंपी गई है। जैसे-जैसे देवी-देवता पड्डल मैदान पहुंच रहे हैं, समिति की ओर से उन्हें निर्धारित स्थान प्रदान किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्हें बैठने के लिए दरियां उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भोजन पकाने और ठंड से बचाव के लिए लकड़ी (बालन) भी प्रदान की जा रही है, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। संवाद
विज्ञापन
अब तक देवी-देवताओं के लिए राशन व सब्जी व्यवस्था आदि के लिए लगभग 24 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। शेष देवताओं के मेले में पहुंचते ही उन्हें भी समान रूप से राशन, दरी और लकड़ी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन
महोत्सव में इस वर्ष 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, जिनमें से अब तक लगभग 200 देवी-देवता मेले में पहुंच चुके हैं। मैदान में देवताओं के बैठने के लिए स्थान आवंटन की जिम्मेदारी सर्व देवता समिति को सौंपी गई है। जैसे-जैसे देवी-देवता पड्डल मैदान पहुंच रहे हैं, समिति की ओर से उन्हें निर्धारित स्थान प्रदान किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
विज्ञापन
जिला प्रशासन द्वारा देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्हें बैठने के लिए दरियां उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भोजन पकाने और ठंड से बचाव के लिए लकड़ी (बालन) भी प्रदान की जा रही है, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। संवाद
विज्ञापन
अब तक देवी-देवताओं के लिए राशन व सब्जी व्यवस्था आदि के लिए लगभग 24 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। शेष देवताओं के मेले में पहुंचते ही उन्हें भी समान रूप से राशन, दरी और लकड़ी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।