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सुनवाई से पूर्व मकान तोड़ने का विरोध
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मंडी। फोरलेन की जद में आए पनारसा वासियों ने सुनवाई से पूर्व ही मकान तोड़ने की प्रक्रिया का विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि जब तक सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक उनके मकान नहीं तोड़े जाएं। प्रभावितों दलीप ठाकुर, तुलसी राम, तारा चंद मिन्हास, योग राज कपूर, दौलत राम, ज्योति ठाकुर, गिरधारी लाल, ओम प्रकाश, हेमराज, हरि ओम, महावीर प्रसाद और ऐले राम ने कहा कि भू-अर्जन अधिकारी और एनएचएआई इनके मकानों को तोड़ने के लिए उतावले हो गए हैं। बताया कि मकानों को एनएचएआई 3ए की नोटिफिकेशन के बाद का बताकर मुआवजा देने से इनकार कर रही है। इस संदर्भ में लोग हाईकोर्ट गए थे, जहां से भू-अर्जन अधिकारी पंडोह को सुनवाई के लिए अधिकृत किया गया है और इनके पास मामले की सुनवाई चल रही है। मौके पर कुछ पुलिस कर्मियों के साथ अधिकारियों ने आकर मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की सोची है, जिसका विरोध किया जा रहा है। इन्होंने भू-अर्जन अधिकारी से आग्रह किया है कि जब तक इनके मामले की सुनवाई नहीं हो जाती तब तक मकान न तोड़े जाएं। साथ ही इन्होंने यह भी गुहार लगाई है कि सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जल्द से जल्द मामले का परिणाम निकले।
भू-अर्जन अधिकारी पंडोह रामेश्वर शर्मा ने कहा कि निर्धारित समय में फोरलेन के लिए जमीन उपलब्ध करवाना उनका दायित्व है इसलिए जो भी कार्य किया जा रहा है वह नियमानुसार ही किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ मकानों के मामलों की सुनवाई उनके पास चल रही है और यदि मकान तोड़ दिए जाते हैं तो भी सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी और जायज प्रभावितों को इसका मुआवजा दिया जाएगा।
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भू-अर्जन अधिकारी पंडोह रामेश्वर शर्मा ने कहा कि निर्धारित समय में फोरलेन के लिए जमीन उपलब्ध करवाना उनका दायित्व है इसलिए जो भी कार्य किया जा रहा है वह नियमानुसार ही किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ मकानों के मामलों की सुनवाई उनके पास चल रही है और यदि मकान तोड़ दिए जाते हैं तो भी सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी और जायज प्रभावितों को इसका मुआवजा दिया जाएगा।
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