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नेरचौक मेडिकल कालेज में स्थानीय लोगों के रोजगार की मांग को लेकर आवाज की बुलंद
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:55 PM IST
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नेरचौक (मंडी)। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में स्थानीय लोगों के रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। लंबित मांगों को लेकर स्थानीय लोग किसान सभा के साथ मिलकर 36 घंटे के धरने पर बैठ गए हैं। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में तीसरे और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी शासन और प्रशासन की होगी। मंगलवार को प्रदर्शन के बाद लोगों ने मांगों को लेकर नेरचौक में रैली निकाली और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर हिमाचल किसान सभा बल्ह इकाई के अध्यक्ष परस राम ने कहा कि लोग अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन, प्रदेश सरकार और कॉलेज प्रशासन उनकी मांगों को अनदेखा कर रहा है। जिसके चलते लोगों में रोष व्याप्त है और आंदोलन करने के लिए विवश हो गए हैं। संघर्ष का यह 5वां चरण है। अब भी अगर सरकार और कॉलेज प्रबंधन ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो फिर उग्र आंदोलन होगा। जिसकी जिम्मेवारी पूरी तरह से प्रबंधन वर्ग और सरकार की होगी। इस दौरान प्रदीप, मनोज, दीपक, अमित, प्रवीण, सुखराम, चंद्रेश कुमार आदि मौजूद रहे।
यह हैं मांगें
मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए। कॉलेज में जो भी भर्तियां की जा रही हैं, उनमें पूरी पारदर्शिता बरती जाए। जिन लोगों ने मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण में अपनी सेवाएं दी हैं, कॉलेज में रोजगार देने के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जाए। सफाई कर्मचारियों की भर्तियां कालेज प्रशासन की ओर से की गई हैं। इन भर्तियों में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई है। मेडिकल कॉलेज में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में प्राथमिकता दी जाए। किसान सभा सरकार से मांग कर रही है कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट के अस्पताल को भी ट्रॉमा सेंटर के साथ शुरू किया जाए।
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यह हैं मांगें
मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए। कॉलेज में जो भी भर्तियां की जा रही हैं, उनमें पूरी पारदर्शिता बरती जाए। जिन लोगों ने मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण में अपनी सेवाएं दी हैं, कॉलेज में रोजगार देने के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जाए। सफाई कर्मचारियों की भर्तियां कालेज प्रशासन की ओर से की गई हैं। इन भर्तियों में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई है। मेडिकल कॉलेज में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में प्राथमिकता दी जाए। किसान सभा सरकार से मांग कर रही है कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट के अस्पताल को भी ट्रॉमा सेंटर के साथ शुरू किया जाए।
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