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देवधुनों पर देव पराशर मंदिर में सिराज की देवियों का भव्य मिलन
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:04 PM IST
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मंडी। जनपद के सबसे बड़े देवताओं में शुमार और राजाओं के कुल देवता देव पराशर ऋषि मंदिर में सिराज की देवियों का पहली बार हुए भव्य देव मिलन से नवरात्र का आगाज हुआ। देवधुनों पर हुए इस मिलन से घाटी देवमय हो गई। मिलन में दोनों देवियों के कारदारों और देवलुओं ने भाग लिया। इसके बाद देव पराशर ऋषि ने नवरात्र की विधिवत स्थापना की। इतिहास में माता महाकाली और बगलामुखी का भव्य देव मिलन पहली बार हुआ। सैकड़ों लोग इस भव्य देव मिलन का गवाह बने। पहले नवरात्र के दिन देव पराशर ऋषि के मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
जानकारी के अनुसार पहले नवरात्र के दिन रविवार को सिराज की माता बगलामुखी केओलीधार और माता महाकाली मिलन के लिए देव पराशर ऋषि के मंदिर में पहुंची थीं। केओलीधार में माता बगलामुखी के नए मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर निर्माण के बाद दोनों ही देवियों ने रिश्ते में दादा माने जाने वाले देव पराशर के प्रांगण में देव मिलन किया। इस दौरान पारंपरिक ढोल नगाड़ों की थाप और मधुर शहनाई की गूंज से माहौल देवमय हो गया। देव पराशर ऋषि के मुख्य पुजारी अमर सिंह ने कहा कि दोनों ही देवियों ने देव पराशर से मिलन की इच्छा जताई थी। जिसके बाद दोनों देवियां पहले नवरात्र को मंदिर में पहुंचीं। देवियों का भव्य स्वागत किया गया है। देव पराशर ऋषि सबसे वरिष्ठ हैं। इसलिए इन्हें देवी देवताओं के दादा का दर्जा भी प्राप्त हैं। इस मौके पर देव पराशर के मुख्य गुर भाग सिंह और दोनों देवियों के पुजारी और गूर उपस्थित रहे।
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जानकारी के अनुसार पहले नवरात्र के दिन रविवार को सिराज की माता बगलामुखी केओलीधार और माता महाकाली मिलन के लिए देव पराशर ऋषि के मंदिर में पहुंची थीं। केओलीधार में माता बगलामुखी के नए मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर निर्माण के बाद दोनों ही देवियों ने रिश्ते में दादा माने जाने वाले देव पराशर के प्रांगण में देव मिलन किया। इस दौरान पारंपरिक ढोल नगाड़ों की थाप और मधुर शहनाई की गूंज से माहौल देवमय हो गया। देव पराशर ऋषि के मुख्य पुजारी अमर सिंह ने कहा कि दोनों ही देवियों ने देव पराशर से मिलन की इच्छा जताई थी। जिसके बाद दोनों देवियां पहले नवरात्र को मंदिर में पहुंचीं। देवियों का भव्य स्वागत किया गया है। देव पराशर ऋषि सबसे वरिष्ठ हैं। इसलिए इन्हें देवी देवताओं के दादा का दर्जा भी प्राप्त हैं। इस मौके पर देव पराशर के मुख्य गुर भाग सिंह और दोनों देवियों के पुजारी और गूर उपस्थित रहे।
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