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नि:शुल्क कानूनी मदद को सादे कागज पर करें आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो नग्गर (कुल्लू)।
Updated Sun, 21 Feb 2016 10:04 PM IST
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उपमंडल स्तरीय विधिक सेवा समिति कुल्लू के सौजन्य से नग्गर विकास खंड की ग्राम पंचायत जाणा में एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता सीजेएम एवं अध्यक्ष उपमंडल स्तरीय विधिक सेवा समिति अमन सूद ने की। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य लोगों को विभिन्न कानूनों की जानकारी देना है, ताकि वे समाज में किसी प्रकार के शोषण का शिकार न हों।
विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय प्रदान करना है। गरीब और असहाय व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा करने और न्यायालय तक पहुंचने में असमर्थ रहता है और अन्याय का शिकार होता है। ऐसे लोगों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।
नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए एक सादे कागज पर उपमंडल, जिला या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है। इसमें प्रार्थी को अपने साथ हुए अन्याय का संक्षिप्त विवरण, नाम, आय की सीमा का हवाला देना होता है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में लोगों को मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। जिनमें समानता का अधिकार प्रमुख है।
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उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और अन्याय सहन न करें। शिविर में अधिवक्ता पुनीत शुक्ला ने मोटर वाहन अधिनियम, मादक पदार्थ अधिनियम, अधिवक्ता देवराज ने घरेलू हिंसा अधिनियम, अधिवक्ता श्याम सिंह ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में जानकारी दी। इस दौरान तेज सिंह ठाकुर, पंचायत प्रधान जाणा श्याम लाल, उपप्रधान, वार्ड सदस्य और काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय प्रदान करना है। गरीब और असहाय व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा करने और न्यायालय तक पहुंचने में असमर्थ रहता है और अन्याय का शिकार होता है। ऐसे लोगों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।
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नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए एक सादे कागज पर उपमंडल, जिला या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है। इसमें प्रार्थी को अपने साथ हुए अन्याय का संक्षिप्त विवरण, नाम, आय की सीमा का हवाला देना होता है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में लोगों को मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। जिनमें समानता का अधिकार प्रमुख है।
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उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और अन्याय सहन न करें। शिविर में अधिवक्ता पुनीत शुक्ला ने मोटर वाहन अधिनियम, मादक पदार्थ अधिनियम, अधिवक्ता देवराज ने घरेलू हिंसा अधिनियम, अधिवक्ता श्याम सिंह ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में जानकारी दी। इस दौरान तेज सिंह ठाकुर, पंचायत प्रधान जाणा श्याम लाल, उपप्रधान, वार्ड सदस्य और काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।