केलांग (लाहौल-स्पीति)। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए लाहौल-स्पीति प्रशासन ने आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू साइन किया है। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त पंकज राय ने कहा कि जल्द ही पूरे लाहौल में ठोस कचरे के एकत्रीकरण, प्रबंधन व निदान की व्यवस्था लागू की जाएगी।
पहले चरण में 43 लाख रुपये की लागत से सिस्सू, उदयपुर, त्रिलोकनाथ, तांदी संगम, दीपकताल, चंद्रताल आदि पर्यटन स्थलों पर कुल 50 शौचालय स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही नगर निगम शिमला के सौजन्य से 20 डंपर व एक वाहन की व्यवस्था प्रशासन ने कर दी है। निर्णय लिया गया कि स्कूल खुलने पर प्रत्येक सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों व शिक्षकों की ओर से परिसर की स्वच्छता का अभियान चलाया जाएगा। 15 अप्रैल को सभी महिला व युवा मंडलों तथा प्रशासन की ओर से पूरे लाहौल-स्पीति में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। ठोस कचरा प्रबंधन पर वीरवार को स्कूली विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए उपायुक्त पंकज राय ने निर्देशिका नामक पुस्तक का विमोचन किया। सह संज्ञानात्मक विषय पर तैयार निर्देशिका पुस्तक के माध्यम से बच्चों को ठोस कचरा प्रबंधन के पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा की ठोस कचरा प्रबंधन की आवश्यकता को देखते हुए छात्रों को सह संज्ञानात्मक गतिविधि विषय में जोड़ा गया था। स्वच्छता के साथ-साथ ठोस कचरे के प्रबंधन के प्रति छात्र-छात्राओं के माध्यम से हर घर-परिवार को जागरूक किया जा सकेगा। घाटी में पर्यटकों की संख्या बढ़ने तथा कई प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होने से लाहौल-स्पीति जिले में ठोस कचरा के निदान की समस्या आएगी, जिसके लिए सभी लोगों को जागरूक एवं तैयार करना आवश्यक है। यह विषय प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को अनौपचारिक रूप से पढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष रमेश रुआलवा, प्रिंसिपल डाइट सुरेश कटोच सहित समस्त पंचायत प्रधान, सचिव व शिक्षक भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।