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मलबे में दवा दिए देवदार के दर्जनों पेड़
अमर उजाला ब्यूरो कुल्लू।
Updated Wed, 20 Jan 2016 06:52 PM IST
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इतना कुछ होने के बाद भी सरकारी तंत्र खामोशी साधे हुए है। ऐसा लगता है कि सब कुछ मिलीभगत से हो रहा है। एक तरफ जहां पर्यावरण को बचाने के लिए जमकर पौधरोपण किया जा रहा है।
वहीं, दूसरी ओर पौधों को लगाने के बाद सरेआम नष्ट किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड सरवरी के पास खड्ड में कुछ समय पहले वन विभाग ने देवदार के पौधे रोपित किए गए हैं। इनमें से कुछ पौधे मलबे के ढेर में दबा दिए गए हैं।
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यदि इन पौधों को दबाना ही था तो रोपित करने की क्या जरूरत थी। यहां पर मलबे की डंपिंग की जा रही है। इस डंपिंग को कौन कर रहा है और कब डंपिंग की जाती है इसकी कोई जानकारी नहीं है। नाम न छापने की सूरत में हिमाचल पथ परिवहन निगम के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि इस मलबे के नीचे काफी हरे-भरे देवदार के पौधे दबाए गए हैं।
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उनका कहना है कि यदि यहां पर मलबा फेंकना ही था तो फेंकने से पहले पौधे उखाड़े क्यों नहीं गए। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में मलबा लाकर यहां फेंका जाता है। जहां यह मलबा डंप किया गया है यहां पर बिजली बोर्ड ट्रांसफार्मर भी है। यह ट्रांसफार्मर मलबे के बीच आ गया है।
यही नहीं मलबा सरवरी खड्ड में डंप किया जा रहा है। यह मलबा खड्ड के किनारे बनी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए भी किसी खतरे से कम नहीं होगी। इसकी तरफ माइनिंग विभाग का भी ध्यान नहीं है।
बरसात में इससे पानी डायवर्ट हो सकता है और तबाही मचा सकता है। जिस तरह से सरवरी में मलबे में देवदार के पौधे दबाए गए हैं इससे लगता है कि न तो प्रशासन और न ही स्वयं पर्यावरण को कायम रखने वाला वन महकमा और न ही नगर परिषद कुल्लू पर्यावरण के प्रति सजग हैं। उधर, वन विभाग के डीएफओ डॉ. नीरज का कहना है कि पौधे वन विभाग ने रोपे हैं। कौन मलबे को यहां डंप कर रहा है इसकी जांच के लिए फोरेस्ट गार्ड को निर्देश दिए गए हैं।