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Kullu News: तेगूबेहड़ अस्पताल में 300 की ओपीडी संभाल रहे दो डॉक्टर
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चिकित्सक का एक खाली रहने से बढ़ी दिक्कतें, पद भरने की मांग
एक्सरे और अल्ट्रासाउंट भी नहीं हो रहे अस्पताल में
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संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। सिविल अस्पताल तेगूबेहड़ में चिकित्सक का एक पद रिक्त होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। 100 बिस्तरों के अस्पताल में ओपीडी में महज दो ही डॉक्टर मरीजों की नब्ज टटोल रहे हैं। तीन अन्य डॉक्टर आपातकालीन वार्ड और रात्रि स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात रहते हैं। डॉक्टरों के स्वीकृत छह पदों में से एक पद रिक्त चल रहा है।
अस्पताल में उपचार करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां प्रतिदिन 250 से 300 के बीच ओपीडी होती है। तेगूबेहड़ अस्पताल में भुंतर, बजौरा, कलैहली, शाढ़ाबाई, गड़सा, हुरला, थरास, दियार, मणिकर्ण घाटी के लोगों के लिए पहुंचना आसान होता है। भुंतर शहर के समीप होने के बावजूद यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ नहीं किया जा रहा है। भुंतर निवासी रवि कुमार, प्रेम और लाल सिंह ने कहा कि तेगूबेहड़ अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो पहले से ही लोगों को नहीं मिल रही है। इसके लिए मरीजों को कुल्लू जाना पड़ता है।
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अस्पताल में डॉक्टर के खाली पद के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। खाली पद पर डॉक्टर नियुक्त होने से राहत मिलेगी।
-डॉ. नीलम शर्मा, बीएमओ जरी
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एक्सरे और अल्ट्रासाउंट भी नहीं हो रहे अस्पताल में
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संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। सिविल अस्पताल तेगूबेहड़ में चिकित्सक का एक पद रिक्त होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। 100 बिस्तरों के अस्पताल में ओपीडी में महज दो ही डॉक्टर मरीजों की नब्ज टटोल रहे हैं। तीन अन्य डॉक्टर आपातकालीन वार्ड और रात्रि स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात रहते हैं। डॉक्टरों के स्वीकृत छह पदों में से एक पद रिक्त चल रहा है।
अस्पताल में उपचार करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां प्रतिदिन 250 से 300 के बीच ओपीडी होती है। तेगूबेहड़ अस्पताल में भुंतर, बजौरा, कलैहली, शाढ़ाबाई, गड़सा, हुरला, थरास, दियार, मणिकर्ण घाटी के लोगों के लिए पहुंचना आसान होता है। भुंतर शहर के समीप होने के बावजूद यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ नहीं किया जा रहा है। भुंतर निवासी रवि कुमार, प्रेम और लाल सिंह ने कहा कि तेगूबेहड़ अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो पहले से ही लोगों को नहीं मिल रही है। इसके लिए मरीजों को कुल्लू जाना पड़ता है।
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अस्पताल में डॉक्टर के खाली पद के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। खाली पद पर डॉक्टर नियुक्त होने से राहत मिलेगी।
-डॉ. नीलम शर्मा, बीएमओ जरी