फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   tracking withour permission

बिना अनुमति बफीले और जोखिम भरे ट्रैक रूटों पर निकले ट्रैकर

Fri, 22 Apr 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो, अमर उजाला, कुल्लू Updated Fri, 22 Apr 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
tracking withour permission
बिना अनुमति बफीले और जोखिम भरे ट्रैक रूटों पर निकले ट्रैकर - फोटो : अमर उजाला
जिला कुल्लू के बर्फीले और जोखिम भरे ट्रैक रूटों पर ट्रैकरों की कदमताल शुरू हो गई है। अभी तक ट्रैक रूट खुले भी नहीं है कि लोकल डिस आर्गेनाइजरों की ओर से ट्रैकिंग करवानी आरंभ हो गई है। अधिकतर ट्रैक रूट बर्फ से लकदक हैं। रूटों पर कदमताल करना अभी किसी खतरे से खाली नहीं है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग इससे बेखबर है।
विज्ञापन


हालांकि 15 मई के बाद ट्रैक रूट खुलेंगे। लेकिन, पैसा कमाने के चक्कर में लोकल डिस आर्गेनाइजर देशी-विदेशी ट्रैकरों की जान के साथ खिलवाड़ करने पर उतर आए हैं। जानकारी के अनुसार पिन-पार्वती ट्रैक रूट खीरगंगा से आगे ट्रैकर बढ़ गए हैं। लगातार मौसम खराब रहने से ट्रैकरों को रूटों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। कुछ ट्रैकर ऑनलाइन ट्रैक रूट देखकर भी निकले हैं।
विज्ञापन


बता दें कि अभी तक जिला कुल्लू के लोकल ट्रैकिंग रूट जैसे चंद्रखणी और रशोल पास पर ट्रैकिंग करना किसी जोखिम से कम नहीं है। सूचना यह भी है कि मलाणा की तरफ आधी रात को कुछ लोकल लोग ट्रैकरों को ले जा रहे हैं। लेकिन, इन्हें रोकने में स्थानीय पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। बिना अनुमति के ट्रैकिंग पर जाना ट्रैकरों के लिए खतरा बन सकता है। हालांकि प्रशासन ने मई के बाद ही मौसम का मिजाज देखकर पंजीकृत ट्रैकिंग और ट्रैवल एजेंसियों को ट्रैकिंग शुरू करने को कहा है। लेकिन, कुछ स्थानीय गाइडों ने प्रशासन के सख्त निर्देश को दरकिनार कर रूटों पर ट्रैकरों की कदम ताल करवानी शुरू कर दी है। इसकी प्रशासन को सुध नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक पुलिस तथा अन्य ट्रैकिंग एजेंसियों और पर्यटन विभाग के पास ट्रैक रूटों पर जाने के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण नहीं हुआ है। इसके बावजूद भी जान जोखिम में डालकर ट्रैकर ट्रैकिंग पर निकल चुके हैं। बताया जा रहा है कि पिन-पार्वती ट्रैक रूट के लिए बिना पंजीकरण के दो दर्जन से अधिक ट्रैकर निकल चुके हैं। इन ट्रैकरों के गाइड लोग बताए जा रहे हैं।


बर्फ में फंस गए थे इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्र
हैरानी की बात है कि पिछले माह बिजली महादेव-चंद्रखणी ट्रैक रूट पर इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्र बर्फ के बीच कई दिन तक फंस गए थे। वे भी बिना अनुमति के ही निकल चुके थे।


जिला में 930 टैवल एजेंसियां : गौतम
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू रतन गौतम ने बताया कि जिला कुल्लू में 930 के लगभग ट्रैवल एजेंसियां हैं। इसके अलावा कई ट्रैकिंग एजेंसियां भी पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि गत दिनों उपायुक्त कुल्लू ने एजेंसियों के साथ इस मसले पर चर्चा की थी और उन्हें नियमों के आधार पर ट्रैकिंग करवाने को कहा है।


नियमों की अवहेलना पर होगी कार्रवाई : उपायुक्त
उधर, उपायुक्त कुल्लू हंसराज चौहान ने कहा कि अभी ट्रैकिंग रूटों पर जाना जोखिम भरा है। कुछ दिनों बाद ही ट्रैक रूट खुल सकते हैं। पंजीकृत एजेंसियों को मई माह के बाद मौसम का मिजाज देखकर ट्रैकिंग करवाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अवहेलना करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed