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रोहतांग पर पाबंदी, दीदार को मलाणा पहुंच रहे पर्यटक
कुल्लू/ मनाली
Updated Fri, 06 May 2016 10:48 PM IST
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सैलानी मलाणा गांव की तरफ करने लगे अब रूख।
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व पटल में अपने ही लोकतंत्र के लिए विख्यात पुरातन गांव मलाणा की ओर इस बार देशी-विदेशी सैलानियों की कदमताल बढ़ गई है। विख्यात रोहतांग दर्रे पर अभी पर्यटकों को जाने के लिए पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में अब देसी-विदेशी सैलानियों ने रोहतांग के बजाए अब मलाणा की तरफ रूख करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह गांव अभी तक पर्यटन के नजरिए से अविकसित है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। पर्यटन स्थलों पर सैलानी पहुंच रहे हैं लेकिन यहां रहने, खाने-पीने की चीजों का अभाव है।
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वहीं मलाणा को जाने वाले संकरे मार्ग की दशा भी दयनीय हालत में हैं। विश्व के मानचित्र में मलाणा का नाम प्रसिद्ध है लेकिन सरकार, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग यहां के पर्यटन स्थलों को विकसित करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। जिससे मणिकर्ण घाटी के होटल व्यवसायी सहित क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। मलाणा गांव में दशकों पहले से सिर्फ शोधार्थी ही पहुंच पाते थे, लेकिन गत वर्ष से रोहतांग पर एनजीटी की पाबंदी लगने से देसी-विदेशी सैलानियों ने दीदार के लिए मणिकर्ण घाटी का पुरातन गांव मलाणा और इसके साथ सटे पर्यटन स्थलों को चुना गया है।
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मलाणा के साथ सटे पर्यटन स्थल चंद्रखणी टॉप, नागरूनी, बिहाली, छोटा ग्राहण, बड़ा ग्राहण, बगड़ी थाच, मैजिक आदि खूबसूरत वादियों में पर्यटक पहुंचने शुरू हो गए हैं। मलाणा के पास कैंपिंग साइट भी शुरू हो गई है। हर दिन 100 से अधिक पर्यटक वाहन मलाणा की तरफ पहुंच रहे हैं। संकरी और बदहाली वाली सड़क पर जान जोखिम में डालकर भी पर्यटक मलाणा की वादियों में पहुंच रहे हैं। मलाणावासी देवू, जगदीश, बुधराम, नीलू और अमर चंद आदि का कहना है कि इस बार पर्यटकों की संख्या पहली बार बढ़ गई है। रोहतांग की वादियों पर फिलहाल पर्यटकों को पाबंदी लगने से पर्यटकों को जिला का पुरातन गांव मलाणा दीदार के लिए पसंदीदा स्थल बन गया है।
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जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और सरकार को मलाणा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए। जिससे पर्यटकों को भी सुविधा प्रदान होगी वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। जरी से मलाणा सड़क की दशा बहुत दयनीय सड़क हालत में है। जगह-जगह सड़क में गहरे गड्ढे पड़े हुए हैं। लोगों के अनुसार सड़क की देखरेख मलाणा परियोजना प्रबंधन करता है। लिहाजा, सड़क की दशा को सुधारने में कंपनी प्रबंधन चुप्पी साधे बैठा है। जिसका खमियाजा मलाणा, चौहकीवासियों समेत इन दिनों मलाणा की तरफ आने वाले पर्यटकों को झेलना पड़ रहा है।