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Kullu News: बदलने लगा सेब बेचने का तरीका, क्रेट के हिसाब से लग रही बगीचों की बोली
Mon, 21 Jul 2025 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:03 PM IST
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पहले बगीचे खुली बोली या पेटी के हिसाब से व्यापारियों को बेचते थे कुल्लू के बागवान
पेटी की जगह क्रेट में सेब बेचने से बागवानों की हो रही है 300 से 500 रुपये की बचत
रोशन ठाकुर
कुल्लू। हिमाचल में सेब बेचने का तरीका बदलने लगा है। बागवान अब पेटी के बजाय क्रेट में सेब बेचना पसंद कर रहे हैं। क्रेट में सेब बेचने से बागवान को करीब 300 से 500 रुपये की बचत हो रही है।
ठेकेदारों को बागवान क्रेट के हिसाब से ही सेब बेच रहे हैं। पिछले तीन से चार साल से बागवान क्रेट में ही सेब बेचने को तवज्जो दे रहे हैं। जिले की सभी सब्जी मंडियों में बेचने के लिए सेब क्रेट में लाया जाता है लेकिन अब बागवान बगीचों की बोली भी क्रेट के हिसाब से ही लगा रहे हैं। पहले बागवान बगीचे खुली बोली या पेटी के हिसाब से व्यापारियों को बेचते थे। सेब कार्टन के साथ भरान और ढुलान महंगा होने से इसमें बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब बागवान क्रेट में सेब बेचकर नुकसान को कम कर रहे हैं।
बागवान बेली राम, किशोरी लाल, टेक सिंह और रंजीत राठौर ने कहा कि अब सेब को क्रेट में बेचना फायदे का सौदा है। क्रेट में सेब बेचना पेटियों के मुकाबले आसान है। समय की भी बचत होती है। सेब व्यापारी प्रेम शर्मा और संतोष कुमार ने कहा कि बागवान सेब बगीचों को पेटी (बाक्स) के हिसाब से सेब नहीं बेचना चाहता है। वह व्यापारियों को क्रेट के हिसाब सेब की खरीद करने को कहता है। मंडियों में बागवान सेब को क्रेट में अधिक मात्रा में लेकर आ रहे हैं।
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मंडियों में लगा दी ग्रेडिंग मशीन
सेब को पेटी में भरने के लिए अब मंडियों में ही ग्रेडिंग मशीनों को लगाया जा रहा है। व्यापारी मंडियों में अपने तरीके से सेब को ग्रेडिंग कर पैकिंग की जा रही है। भुंतर सब्जी मंडी में जल्द ही डेढ़ करोड़ की लागत से सेब ग्रेडिंग मशीन स्थापित की जा रही है।
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पेटी की जगह क्रेट में सेब बेचने से बागवानों की हो रही है 300 से 500 रुपये की बचत
रोशन ठाकुर
कुल्लू। हिमाचल में सेब बेचने का तरीका बदलने लगा है। बागवान अब पेटी के बजाय क्रेट में सेब बेचना पसंद कर रहे हैं। क्रेट में सेब बेचने से बागवान को करीब 300 से 500 रुपये की बचत हो रही है।
ठेकेदारों को बागवान क्रेट के हिसाब से ही सेब बेच रहे हैं। पिछले तीन से चार साल से बागवान क्रेट में ही सेब बेचने को तवज्जो दे रहे हैं। जिले की सभी सब्जी मंडियों में बेचने के लिए सेब क्रेट में लाया जाता है लेकिन अब बागवान बगीचों की बोली भी क्रेट के हिसाब से ही लगा रहे हैं। पहले बागवान बगीचे खुली बोली या पेटी के हिसाब से व्यापारियों को बेचते थे। सेब कार्टन के साथ भरान और ढुलान महंगा होने से इसमें बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब बागवान क्रेट में सेब बेचकर नुकसान को कम कर रहे हैं।
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बागवान बेली राम, किशोरी लाल, टेक सिंह और रंजीत राठौर ने कहा कि अब सेब को क्रेट में बेचना फायदे का सौदा है। क्रेट में सेब बेचना पेटियों के मुकाबले आसान है। समय की भी बचत होती है। सेब व्यापारी प्रेम शर्मा और संतोष कुमार ने कहा कि बागवान सेब बगीचों को पेटी (बाक्स) के हिसाब से सेब नहीं बेचना चाहता है। वह व्यापारियों को क्रेट के हिसाब सेब की खरीद करने को कहता है। मंडियों में बागवान सेब को क्रेट में अधिक मात्रा में लेकर आ रहे हैं।
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मंडियों में लगा दी ग्रेडिंग मशीन
सेब को पेटी में भरने के लिए अब मंडियों में ही ग्रेडिंग मशीनों को लगाया जा रहा है। व्यापारी मंडियों में अपने तरीके से सेब को ग्रेडिंग कर पैकिंग की जा रही है। भुंतर सब्जी मंडी में जल्द ही डेढ़ करोड़ की लागत से सेब ग्रेडिंग मशीन स्थापित की जा रही है।