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Kullu News: प्यास तो बुझा रहा, बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा खड्ड का पानी

Sat, 05 Apr 2025 10:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 05 Apr 2025 10:15 PM IST
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The water of the ravine is not only quenching thirst but also increasing the risk of diseases
जिले की दुर्गम पंचायत के गांवों में दो माह से नहीं हो रही पेयजल की आपूर्ति
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कई किलोमीटर दूर न्यूली खड्ड से पानी का इंतजाम कर रहे क्षेत्र के बाशिंदे
महेंद्र पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। जिले की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के चार गांवों में पेयजल किल्लत है। सैकड़ों ग्रामीण खड्ड का पानी पी रहे हैं। इससे जल जनित रोगों की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
गांवों में पेयजल सप्लाई नहीं आने से ग्रामीण परेशान हैं। उन्हें कई किलोमीटर दूर न्यूली खड्ड से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। गौर रहे कि गाड़ापारली पंचायत जिले की दुर्गम पंचायत है। इसमें सड़क सुविधा नहीं है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्य निपटाने में पहले दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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दो माह से शाक्टी, मरौड़, शुगाड़ और कुटला में पेयजल की किल्लत है। ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण तेज राम, सोभा राम, अशोक, निमत राम और भगत राम ने कहा कि पिछले दो माह से गांवों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों को न्यूली खड्ड का पानी पीने के लिए उपयोग करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जो फिटर सेवाएं दे रहा था, वह सेवानिवृत्त हो गया है। इससे यह परेशानी आई है। उन्होंने जल शक्ति विभाग से स्थायी फिटर की नियुक्ति की मांग की है। उधर, जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल शर्मा ने कहा कि विभाग के दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ग्रामीणों को पेयजल संबंधी परेशानी नहीं होगी।
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एक दिन बाद है गांव में मंदिर की प्रतिष्ठा
दुर्गम गांव शाक्टी में सात अप्रैल को देवता विठ ब्रह्मा के नवनिर्मित मंदिर की प्रतिष्ठा है। इसके लिए घाटी से देवी-देवताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है। ऐसे शाक्टी गांव में सैकड़ों की संख्या में हारियान, देवलु और श्रद्धालु रहेंगे, लेकिन पीने के लिए गांव में पानी न होना ग्रामीणों की समस्या को बढ़ाएगा। गांव में आए सैकड़ों लोगों को भी इससे दो-चार होना पड़ेगा।
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