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Kullu News: कहीं जान का दुश्मन न बन जाएं दरकते पहाड़ के पास लटकते पेड़
Sat, 05 Apr 2025 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 05 Apr 2025 10:20 PM IST
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कुल्लू के हाईवे के समीप सूखे और झुके पेड़ ।-संवाद
एनएच-3 में औट से मनाली तक सूखे और लटकते हरे पेड़ दे रहे हादसे को न्योता
न एनएचएआई गंभीर और न ही वन विभाग को चिंता, सुरक्षित नहीं हाईवे पर सफर
नहीं हुआ संयुक्त निरीक्षण, एनएचएआई ने बाशिंग के पास चिह्नित किए सिर्फ तीन पेड़
गौरीशंकर
कुल्लू। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी लोगों का सफर सुरक्षित नहीं है। औट से मनाली तक कई जगह सूखे और लटकते हरे पेड़ मौत बनकर खड़े हैं। पहाड़ी दरकने के बाद कई पेड़ों की जड़ें तक बाहर आ गई हैं। ऐसे में ये पेड़ जान के दुश्मन बन सकते हैं।
इस मार्ग पर अभी एनएचएआई ने वन विभाग के साथ कोई ऐसा संयुक्त निरीक्षण नहीं किया है, जिससे सफर करने वाले लोगों की जान के लिए खतरे बने पेड़ों की पहचान की गई हो। इस कारण सूखे पेड़ खतरा बने हुए हैं। कई जगह भूस्खलन होने के कारण हरे पेड़ भी खतरनाक हो चुके हैं। ये पेड़ कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इनकी जड़ें निकल चुकी हैं और कभी भी धराशायी हो सकते हैं।
एनएचएआई ने अपने स्तर पर औट से मनाली तक खतरा बने पेड़ चिह्नित किए हैं। इनकी संख्या केवल तीन है। इन पेड़ों को हटाने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। न ही ये पेड़ काटने की वन विभाग से सिफारिश की है। ऐसे में चिह्नित पेड़ भी हादसों को न्योता दे रहे हैं। इनके अलावा ऐसे दर्जनों पेड़ हैं, जो हाईवे में सफर करने वालों के लिए खतरा बन सकते हैं। हैरानी की बात है कि एनएचएआई ने जो तीन पेड़ चिह्नित किए हैं, उन्हें हटाने की प्रक्रिया भी कागजों में उलझकर रह गई है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह पेड़ लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें एनएचएआई को समय रहते हटा देना चाहिए, जिससे मणिकर्ण हादसे की तरह कोई दुर्घटना न हजो। - सुनील धीमान, कुल्लू
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औट से मनाली तक कई जगह खतरा बने पेड़ सफर करने वालों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं। इसके लिए एनएचएआई और वन विभाग को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। - अमर सिंह, कुल्लू
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूखे पेड़ों का हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं है। न ही एनएचएआई ने ऐसे पेड़ों की सूची दी है। खतरा बने पेड़ों का चयन करने के लिए अभी ऐसा संयुक्त निरीक्षण भी नहीं हुआ है। एनएचएआई अगर सूची देता है तो उन्हें हटाने के लिए अनुमति दी जा सकती है। - एंजल चौहान, वन मंडलाधिकारी
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर औट से मनाली तक बाशिंग के पास तीन पेड़ चिह्नित किए हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भेजी है। आगामी आदेश आते ही वन विभाग से इन पेड़ों को हटाने के लिए अनुमति ली जाएगी। - अशोक चौहान, रेजिडेंट इंजीनियर एनएचएआई--
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न एनएचएआई गंभीर और न ही वन विभाग को चिंता, सुरक्षित नहीं हाईवे पर सफर
नहीं हुआ संयुक्त निरीक्षण, एनएचएआई ने बाशिंग के पास चिह्नित किए सिर्फ तीन पेड़
गौरीशंकर
कुल्लू। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी लोगों का सफर सुरक्षित नहीं है। औट से मनाली तक कई जगह सूखे और लटकते हरे पेड़ मौत बनकर खड़े हैं। पहाड़ी दरकने के बाद कई पेड़ों की जड़ें तक बाहर आ गई हैं। ऐसे में ये पेड़ जान के दुश्मन बन सकते हैं।
इस मार्ग पर अभी एनएचएआई ने वन विभाग के साथ कोई ऐसा संयुक्त निरीक्षण नहीं किया है, जिससे सफर करने वाले लोगों की जान के लिए खतरे बने पेड़ों की पहचान की गई हो। इस कारण सूखे पेड़ खतरा बने हुए हैं। कई जगह भूस्खलन होने के कारण हरे पेड़ भी खतरनाक हो चुके हैं। ये पेड़ कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इनकी जड़ें निकल चुकी हैं और कभी भी धराशायी हो सकते हैं।
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एनएचएआई ने अपने स्तर पर औट से मनाली तक खतरा बने पेड़ चिह्नित किए हैं। इनकी संख्या केवल तीन है। इन पेड़ों को हटाने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। न ही ये पेड़ काटने की वन विभाग से सिफारिश की है। ऐसे में चिह्नित पेड़ भी हादसों को न्योता दे रहे हैं। इनके अलावा ऐसे दर्जनों पेड़ हैं, जो हाईवे में सफर करने वालों के लिए खतरा बन सकते हैं। हैरानी की बात है कि एनएचएआई ने जो तीन पेड़ चिह्नित किए हैं, उन्हें हटाने की प्रक्रिया भी कागजों में उलझकर रह गई है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह पेड़ लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें एनएचएआई को समय रहते हटा देना चाहिए, जिससे मणिकर्ण हादसे की तरह कोई दुर्घटना न हजो। - सुनील धीमान, कुल्लू
औट से मनाली तक कई जगह खतरा बने पेड़ सफर करने वालों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं। इसके लिए एनएचएआई और वन विभाग को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। - अमर सिंह, कुल्लू
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूखे पेड़ों का हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं है। न ही एनएचएआई ने ऐसे पेड़ों की सूची दी है। खतरा बने पेड़ों का चयन करने के लिए अभी ऐसा संयुक्त निरीक्षण भी नहीं हुआ है। एनएचएआई अगर सूची देता है तो उन्हें हटाने के लिए अनुमति दी जा सकती है। - एंजल चौहान, वन मंडलाधिकारी
राष्ट्रीय राजमार्ग पर औट से मनाली तक बाशिंग के पास तीन पेड़ चिह्नित किए हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भेजी है। आगामी आदेश आते ही वन विभाग से इन पेड़ों को हटाने के लिए अनुमति ली जाएगी। - अशोक चौहान, रेजिडेंट इंजीनियर एनएचएआई