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धारा गांव नहीं पहुंची भू-वैज्ञानिकों की टीम, मायूस लोगों ने मकान उखाड़ने किए शुरू
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भूस्खलन से प्रभावित सैंज के धारा गांव में घर के बाहर आई दरारें। संवाद
- फोटो : Kullu
सैंज (कुल्लू)। सुचैहण पंचायत के धारा गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण की जांच के लिए भू-वैज्ञानिकों की टीम गांव के दौरे पर नहीं आई। ग्रामीण टीम के आने का पूरा दिन इंतजार करते रहे। शाम तक टीम के आने की कोई सूचना न मिल पाने से मायूस ग्रामीणों ने पुश्तैनी मकानों को उखाड़ना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि भू-वैज्ञानिक गांव को बचाने का कोई पुख्ता सुझाव देंगे। गांव को बचाने की अंतिम उम्मीद धूमिल होने से घरों को उखाड़कर इनमें लगी लकड़ी, पत्थर और स्लेट बचाना ही बेहतर समझा। धारा गांव के बाशिंदे दिन भर प्रशासन से संपर्क कर गांव को बचाने की आस लगाए बैठे रहे।
प्रशासन की ओर से भू-वैज्ञानिकों के आने का कोई पक्का भरोसा न मिल पाने से वे मायूस हो गए। टीम कब आएगी, इसकी भी कोई सूचना नहीं मिली। सोभा राम, संजू, किशोरी लाल और अजवीर सिंह ने बताया कि गांव की जमीन लगातार खिसक रही है। घर खाली किए 12 दिन हो चुके हैं। राजस्व विभाग ने गांव में नष्ट हुई संपत्ति का आकलन कर राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इस बीच प्रशासन की ओर से गांव में भूस्खलन के कारणों की जांच करने भू-वैज्ञानिकों की टीम आने की सूचना तीन दिन पहले मिली। ग्रामीणों को आस बंधी थी कि बुजुर्गों के बनाए मकान बचाए जा सकते हैं। लेकिन टीम के न आने से ग्रामीणों ने अपने घर उखाड़ने शुरू कर दिए है। गांव में काष्ठकुणी शैली का एक मकान गिरने के कगार पर है, एक पक्का मकान तहस नहस हो चुका है और बाकी मकान दरक भी रहे हैं। बगीचों में दरारें लगातार बढ़ रही है। तहसीलदार सैंज हीरा चंद नलवा ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों का शनिवार का दौर स्थगित हुआ है। उनके जल्द ही आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
पक्की नालियां बनाने की मांग
ग्रामीण लक्ष्मी कांत, संगत राम, नंद राम और तारा देवी ने कहा कि गांव के आसपास बारिश के पानी की निकासी के लिए पक्की नालियां और क्रेटवाल का निर्माण किया जाए इससे जमीन को धंसने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर तबाह हो चुके हैं। अब बगीचों और जमीन को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की मदद की दरकार है।
खबर छपते ही जागा जल शक्ति विभाग
गांव में पेयजल की समस्या को लेकर अमर उजाला में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए जल शक्ति विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया। गांव के लिए पेयजल पहुंचाने के लिए तुरंत पाइप बिछाने की व्यवस्था की। विभाग के जेई ब्रह्मस्वरूप शर्मा ने बताया कि दो दिनों के भीतर गांव में पेयजल पहुंचा दिया जाएगा।
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ग्रामीणों को उम्मीद थी कि भू-वैज्ञानिक गांव को बचाने का कोई पुख्ता सुझाव देंगे। गांव को बचाने की अंतिम उम्मीद धूमिल होने से घरों को उखाड़कर इनमें लगी लकड़ी, पत्थर और स्लेट बचाना ही बेहतर समझा। धारा गांव के बाशिंदे दिन भर प्रशासन से संपर्क कर गांव को बचाने की आस लगाए बैठे रहे।
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प्रशासन की ओर से भू-वैज्ञानिकों के आने का कोई पक्का भरोसा न मिल पाने से वे मायूस हो गए। टीम कब आएगी, इसकी भी कोई सूचना नहीं मिली। सोभा राम, संजू, किशोरी लाल और अजवीर सिंह ने बताया कि गांव की जमीन लगातार खिसक रही है। घर खाली किए 12 दिन हो चुके हैं। राजस्व विभाग ने गांव में नष्ट हुई संपत्ति का आकलन कर राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इस बीच प्रशासन की ओर से गांव में भूस्खलन के कारणों की जांच करने भू-वैज्ञानिकों की टीम आने की सूचना तीन दिन पहले मिली। ग्रामीणों को आस बंधी थी कि बुजुर्गों के बनाए मकान बचाए जा सकते हैं। लेकिन टीम के न आने से ग्रामीणों ने अपने घर उखाड़ने शुरू कर दिए है। गांव में काष्ठकुणी शैली का एक मकान गिरने के कगार पर है, एक पक्का मकान तहस नहस हो चुका है और बाकी मकान दरक भी रहे हैं। बगीचों में दरारें लगातार बढ़ रही है। तहसीलदार सैंज हीरा चंद नलवा ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों का शनिवार का दौर स्थगित हुआ है। उनके जल्द ही आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
पक्की नालियां बनाने की मांग
ग्रामीण लक्ष्मी कांत, संगत राम, नंद राम और तारा देवी ने कहा कि गांव के आसपास बारिश के पानी की निकासी के लिए पक्की नालियां और क्रेटवाल का निर्माण किया जाए इससे जमीन को धंसने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर तबाह हो चुके हैं। अब बगीचों और जमीन को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की मदद की दरकार है।
खबर छपते ही जागा जल शक्ति विभाग
गांव में पेयजल की समस्या को लेकर अमर उजाला में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए जल शक्ति विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया। गांव के लिए पेयजल पहुंचाने के लिए तुरंत पाइप बिछाने की व्यवस्था की। विभाग के जेई ब्रह्मस्वरूप शर्मा ने बताया कि दो दिनों के भीतर गांव में पेयजल पहुंचा दिया जाएगा।