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Kullu News: पुल टूटा, हिम्मत नहीं.. बुलंद हौसले से बांधा उम्मीदों का सेतु
Thu, 18 Sep 2025 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 18 Sep 2025 10:59 PM IST
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तीर्थन नदी पर ग्रामीणों के द्वारा स्वयं तैयार की गई अस्थायी पुलिया। जागरूक पाठक
कंडीधार पंचायत के लोगों ने बिना सरकारी मदद तीसरी बार तैयार कर दी पुलिया
तीर्थन नदी की बाढ़ बहा ले गई थी पुलिया, आपसी सहयोग और श्रमदान लाया रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। बाढ़ ने रास्ता छीना तो कंडीधार के लोगों ने उम्मीदों की डोर फिर से जोड़ दी। तीर्थन नदी की लहरों ने दो बार उस पुलिया को बहा दिया जो बच्चों को स्कूल और गांवों को शहर से जोड़ती थी। हर बार गांववालों ने हार नहीं मानी।
बिना किसी सरकारी मदद श्रमदान और सामूहिक प्रयास से तीसरी बार जीवन सेतु खड़ा कर दिया। इस बार आपदा ने बंजार से मनाली तक कहर बरपाया है। कई परिवारों के घर उजड़ गए हैं।
किसी की जमीन बह गई तो कई लोगों की सांसें थम गईं। आपदा के बाद फिर खड़े होने का हौसला अभी भी लोगों के पास है। ग्राम पंचायत कंडीधार के लोग इसका उदाहरण हैं। तीर्थन नदी पर बाड़ीरोपा से जावल के लिए एक अस्थायी पुलिया दो बार बाढ़ में बह गई लेकिन लोगों ने इसे फिर से तैयार कर दिया।
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यह पुलिया बीते 13 अगस्त को नदी में आई बाढ़ से बह गई थी। लोगों ने बिना सरकारी मदद और आपसी सहयोग व श्रमदान से अस्थायी पुलिया बनाई। यह पुलिया भी कुछ दिन बाद बाढ़ में बह गई। लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और फिर से मेहनत और उपलब्ध साधनों से तीसरी बार लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई।
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जल्द पक्के पुल का निर्माण करे प्रशासन : मोहिंद्र
पंचायत उप प्रधान मोहिंद्र सिंह ने कहा कि तीर्थन वैली टैक्सी यूनियन के प्रधान चंद्रपाल जुफरा, रोबिन ठाकुर, नरेश कुमार, चिंतु लाठी, सुरेंद्र बिष्ट, कृष्ण कुमार, अमित ठाकुर, तुले राम, तेजा बिष्ट, अभिमन्यु, भोला दत, लाल चंद, हीरा लाल वर्मा और सेस राम आजाद मिस्त्री ने भरपूर सहयोग दिया। जिला प्रशासन इस स्थान पर जल्द ही पक्का पुल बनाए। पुलिया से प्रतिदिन छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, पर्यटक और अन्य लोग गुजरते हैं। पुलिया तीर्थन नदी के उस पार कई गांवों और पर्यटन इकाइयों को जोड़ता है। एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चल रहा है।
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तीर्थन नदी की बाढ़ बहा ले गई थी पुलिया, आपसी सहयोग और श्रमदान लाया रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। बाढ़ ने रास्ता छीना तो कंडीधार के लोगों ने उम्मीदों की डोर फिर से जोड़ दी। तीर्थन नदी की लहरों ने दो बार उस पुलिया को बहा दिया जो बच्चों को स्कूल और गांवों को शहर से जोड़ती थी। हर बार गांववालों ने हार नहीं मानी।
बिना किसी सरकारी मदद श्रमदान और सामूहिक प्रयास से तीसरी बार जीवन सेतु खड़ा कर दिया। इस बार आपदा ने बंजार से मनाली तक कहर बरपाया है। कई परिवारों के घर उजड़ गए हैं।
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किसी की जमीन बह गई तो कई लोगों की सांसें थम गईं। आपदा के बाद फिर खड़े होने का हौसला अभी भी लोगों के पास है। ग्राम पंचायत कंडीधार के लोग इसका उदाहरण हैं। तीर्थन नदी पर बाड़ीरोपा से जावल के लिए एक अस्थायी पुलिया दो बार बाढ़ में बह गई लेकिन लोगों ने इसे फिर से तैयार कर दिया।
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यह पुलिया बीते 13 अगस्त को नदी में आई बाढ़ से बह गई थी। लोगों ने बिना सरकारी मदद और आपसी सहयोग व श्रमदान से अस्थायी पुलिया बनाई। यह पुलिया भी कुछ दिन बाद बाढ़ में बह गई। लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और फिर से मेहनत और उपलब्ध साधनों से तीसरी बार लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई।
जल्द पक्के पुल का निर्माण करे प्रशासन : मोहिंद्र
पंचायत उप प्रधान मोहिंद्र सिंह ने कहा कि तीर्थन वैली टैक्सी यूनियन के प्रधान चंद्रपाल जुफरा, रोबिन ठाकुर, नरेश कुमार, चिंतु लाठी, सुरेंद्र बिष्ट, कृष्ण कुमार, अमित ठाकुर, तुले राम, तेजा बिष्ट, अभिमन्यु, भोला दत, लाल चंद, हीरा लाल वर्मा और सेस राम आजाद मिस्त्री ने भरपूर सहयोग दिया। जिला प्रशासन इस स्थान पर जल्द ही पक्का पुल बनाए। पुलिया से प्रतिदिन छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, पर्यटक और अन्य लोग गुजरते हैं। पुलिया तीर्थन नदी के उस पार कई गांवों और पर्यटन इकाइयों को जोड़ता है। एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चल रहा है।