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Kullu News: माए नी मेरिए, शिमले दी राहे... पर झूमे दर्शक
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कुल्लू दशहरा उत्सव की सांस्कृतिक संध्या में कार्यक्रमों का आनंद उठाते दर्शक। संवाद
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की छठी सांस्कृतिक संध्या में सूफी गायक सतिंदर सरताज की गायकी का जादू सिर चढ़कर बोला। उनकी सुरीली आवाज और सूफियाना अंदाज पर दर्शक झूम उठे।
हर प्रस्तुति पर तालियों और सीटियों से रथ मैदान गूंजता रहा। सरताज की एक झलक पाने और उन्हें सुनने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया। सतिंदर सरताज ने पहाड़ी गीत ‘माए नी मेरिए, शिमले दी राहे, चंबा कितनी दूर’पेश किया तो दर्शक झूम उठे।
इसके अलावा ‘साईं वे साडी फरियाद तेरे ताईं’ और ‘सब तो महंगी होंदी’ सहित कई गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। पहाड़ी गायक डाबे राम कुल्लवी ने भी पहाड़ी गीतों पर खूब समा बांधे रखा।
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उन्होंने कैदी ओखे कैदी तोखे, तू ता सा मेरी जोथ चानणी, तेरे जूटू रा झल्लारा निरमंडा री वामणिए, हिउँआ रे लागे पुणे, दिलडु दुइ रे ढुणे, तेरी यादी न जीणा ओ पागले, तू खोले रीनू चाय रा होटल हाउं पालणु गाई आदि गीत पेश किए। इस सांस्कृतिक संध्या का आगाज भी मंगल ध्वनि के साथ हुआ। उसके बाद एक से बढ़कर एक कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झुमाया। इस दौरान कलाकार दिलीप सिंह, पारुल भारद्वाज, रागिनी म्यूजिकल ग्रुप, आकाश लोनेचमा आदि ने फिल्मी, पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया।
कर्म सिंह, नरेश कुमार, विवेक मौर्य, त्रिमूर्ति रंगमंच, हुमुक बॉयज, शीला ठाकुर, रूपेंद्र ठाकुर, रोशन सोनी, किरण चौहान, कुल्लवी नाटी, भारती शर्मा ने भी अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके अलावा नरेंद्र नीतू, मीनाक्षी देवी, बंटी इन्दोरिया, हेमंत शर्मा, केवल राम वास्ता, रामेश्वर शर्मा ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों को मनोरंजन करने का प्रयास किया।
क्वी ऑफ हिल फैशन शो ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। किशन वर्मा, फिरदोस बैंड के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन करने का प्रयास किया। सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ने टोपी और मफलर से स्वागत किया।
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हर प्रस्तुति पर तालियों और सीटियों से रथ मैदान गूंजता रहा। सरताज की एक झलक पाने और उन्हें सुनने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया। सतिंदर सरताज ने पहाड़ी गीत ‘माए नी मेरिए, शिमले दी राहे, चंबा कितनी दूर’पेश किया तो दर्शक झूम उठे।
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इसके अलावा ‘साईं वे साडी फरियाद तेरे ताईं’ और ‘सब तो महंगी होंदी’ सहित कई गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। पहाड़ी गायक डाबे राम कुल्लवी ने भी पहाड़ी गीतों पर खूब समा बांधे रखा।
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उन्होंने कैदी ओखे कैदी तोखे, तू ता सा मेरी जोथ चानणी, तेरे जूटू रा झल्लारा निरमंडा री वामणिए, हिउँआ रे लागे पुणे, दिलडु दुइ रे ढुणे, तेरी यादी न जीणा ओ पागले, तू खोले रीनू चाय रा होटल हाउं पालणु गाई आदि गीत पेश किए। इस सांस्कृतिक संध्या का आगाज भी मंगल ध्वनि के साथ हुआ। उसके बाद एक से बढ़कर एक कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झुमाया। इस दौरान कलाकार दिलीप सिंह, पारुल भारद्वाज, रागिनी म्यूजिकल ग्रुप, आकाश लोनेचमा आदि ने फिल्मी, पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया।
कर्म सिंह, नरेश कुमार, विवेक मौर्य, त्रिमूर्ति रंगमंच, हुमुक बॉयज, शीला ठाकुर, रूपेंद्र ठाकुर, रोशन सोनी, किरण चौहान, कुल्लवी नाटी, भारती शर्मा ने भी अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके अलावा नरेंद्र नीतू, मीनाक्षी देवी, बंटी इन्दोरिया, हेमंत शर्मा, केवल राम वास्ता, रामेश्वर शर्मा ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों को मनोरंजन करने का प्रयास किया।
क्वी ऑफ हिल फैशन शो ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। किशन वर्मा, फिरदोस बैंड के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन करने का प्रयास किया। सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ने टोपी और मफलर से स्वागत किया।