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Kullu News: किसानों को भेड़ और खरगोश पालन के तरीके बताए
Wed, 12 Feb 2025 06:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 12 Feb 2025 06:02 AM IST
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अविशान नस्ल की भेड़ें किसानों के लिए साबित होंगी वरदान : अरुण
उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्रीय केंद्र, गड़सा में मनाया स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्रीय केंद्र, गड़सा, कुल्लू में मंगलवार को अनुसंधान केंद्र का स्थापना दिवस किसान मेला के रूप में मनाया गया। इसमें काफी अधिक संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के तहत केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर, जिला टोंक, राजस्थान से संबंधित है। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के गड़सा गांव के निकट हुई थी।
इस मौके पर अनुसंधान केंद्र के किसानों को भेड़ और खरगोश पालन के तरीकों के बारे में बताया गया। आईसीएआर अविकानगर निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा कि अविशान नस्ल की भेड़ें हिमाचल के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। पशुपालन और खेती आधारित मूल्य संवार्दित उत्पादों का निर्माण आजीविका में बढ़ोतरी के लिए करना चाहिए।
केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आर. पुरुषोत्तम ने कहा कि प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बाहरी राज्य से आए हुए किसानों ने यहां पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान आईसीएआर के पूर्व निदेशक, डॉ. बीके जोशी, डॉ. एके मोहंती, डॉ. आर्तबंधु साहू, डॉ. अजय कुमार, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ राजेंद्र पाल, इंद्रभूषण कुमार आदि मौजूद रहे।
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उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्रीय केंद्र, गड़सा में मनाया स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्रीय केंद्र, गड़सा, कुल्लू में मंगलवार को अनुसंधान केंद्र का स्थापना दिवस किसान मेला के रूप में मनाया गया। इसमें काफी अधिक संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के तहत केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर, जिला टोंक, राजस्थान से संबंधित है। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के गड़सा गांव के निकट हुई थी।
इस मौके पर अनुसंधान केंद्र के किसानों को भेड़ और खरगोश पालन के तरीकों के बारे में बताया गया। आईसीएआर अविकानगर निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा कि अविशान नस्ल की भेड़ें हिमाचल के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होंगी। पशुपालन और खेती आधारित मूल्य संवार्दित उत्पादों का निर्माण आजीविका में बढ़ोतरी के लिए करना चाहिए।
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केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आर. पुरुषोत्तम ने कहा कि प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बाहरी राज्य से आए हुए किसानों ने यहां पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान आईसीएआर के पूर्व निदेशक, डॉ. बीके जोशी, डॉ. एके मोहंती, डॉ. आर्तबंधु साहू, डॉ. अजय कुमार, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ राजेंद्र पाल, इंद्रभूषण कुमार आदि मौजूद रहे।
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