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पहाड़ी से गिरे पत्थर, कई पर्यटक वाहन क्षतिग्रस्त
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मणिकर्ण घाटी के मलाणा मार्ग पर ब्रिज फोर में खड़े पर्यटक वाहनों पर पहाड़ी से गिरे पत्थर। -संवाद
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भारी बर्फबारी से जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति के कई इलाके लकदक हो गए हैं। इससे जनजीवन ठहर सा गया है। बर्फबारी व बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। पारला भुंतर से रामशिला वामतट फोरलेन पर भूस्खलन हुआ और कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। पार्वती घाटी के जरी-मलाणा मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से कई वाहनों को नुकसान हुआ है। इसमें अधिकतर सैलानियों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
ऐतिहासिक गांव मलाणा के साथ ब्रिज फोर नामक जगह पर भूस्खलन हुआ। बर्फबारी के कारण वाहन यहां तक ही जा रहे हैं। ऐसे में पार्वती घाटी के सैर सपाटे को पहुंचे पर्यटकों व स्थानीय लोगों ने अपने वाहनों को यहीं पर ही खड़ा कर रखा था। मगर रविवार देर रात को पहाड़ी से पत्थर गाड़ियों के ऊपर आ गिरे हैं। गनीमत रही कि भूस्खलन के दौरान कोई भी व्यक्ति गाड़ी में नहीं था। घटना की सूचना के बाद मणिकर्ण पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर तक यहां पत्थरों का गिरना जारी था। उधर, जिला कुल्लू व लाहौल में भारी बर्फबारी से दो एनएच समेत करीब 200 सड़कों पर यातायात ठप रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के बाद बीआरओ, एनएच और लोनिवि ने बर्फ हटाने का काम शुरू नहीं किया। बर्फबारी के बाद पर्यटकों को मनाली के नेहरूकुंड से आगे नहीं भेजा गया है। मनाली-लेह मार्ग के साथ हाईवे-305 पर भी भारी बर्फबारी हुई है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि सड़कों, बिजली के ट्रांसफार्मर व पेयजल स्कीमों को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है कि जब एक माह के भीतर सोलंगनाला, अटल टनल रोहतांग व जलोड़ी दर्रा सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई है। सासे ने जलोड़ी दर्रा से लेकर अटल टनल रोहतांग व लाहौल घाटी में हिमखंड गिरने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोग व सैलानी सुरक्षा को देखते हुए खतरे वाले इलाकों की ओर न जाएं।
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कुल्लू। भारी बर्फबारी से जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति के कई इलाके लकदक हो गए हैं। इससे जनजीवन ठहर सा गया है। बर्फबारी व बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। पारला भुंतर से रामशिला वामतट फोरलेन पर भूस्खलन हुआ और कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। पार्वती घाटी के जरी-मलाणा मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से कई वाहनों को नुकसान हुआ है। इसमें अधिकतर सैलानियों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
ऐतिहासिक गांव मलाणा के साथ ब्रिज फोर नामक जगह पर भूस्खलन हुआ। बर्फबारी के कारण वाहन यहां तक ही जा रहे हैं। ऐसे में पार्वती घाटी के सैर सपाटे को पहुंचे पर्यटकों व स्थानीय लोगों ने अपने वाहनों को यहीं पर ही खड़ा कर रखा था। मगर रविवार देर रात को पहाड़ी से पत्थर गाड़ियों के ऊपर आ गिरे हैं। गनीमत रही कि भूस्खलन के दौरान कोई भी व्यक्ति गाड़ी में नहीं था। घटना की सूचना के बाद मणिकर्ण पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर तक यहां पत्थरों का गिरना जारी था। उधर, जिला कुल्लू व लाहौल में भारी बर्फबारी से दो एनएच समेत करीब 200 सड़कों पर यातायात ठप रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के बाद बीआरओ, एनएच और लोनिवि ने बर्फ हटाने का काम शुरू नहीं किया। बर्फबारी के बाद पर्यटकों को मनाली के नेहरूकुंड से आगे नहीं भेजा गया है। मनाली-लेह मार्ग के साथ हाईवे-305 पर भी भारी बर्फबारी हुई है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि सड़कों, बिजली के ट्रांसफार्मर व पेयजल स्कीमों को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है कि जब एक माह के भीतर सोलंगनाला, अटल टनल रोहतांग व जलोड़ी दर्रा सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई है। सासे ने जलोड़ी दर्रा से लेकर अटल टनल रोहतांग व लाहौल घाटी में हिमखंड गिरने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोग व सैलानी सुरक्षा को देखते हुए खतरे वाले इलाकों की ओर न जाएं।
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